मऊगंज में खाद-डीजल के लिए भटक रहा अन्नदाता, कांग्रेस का सरकार पर हमला

कथनी-करनी में फर्क, किसान हितैषी होने का दावा खोखला - नृपेन्द्र सिंह पिंटू

मऊगंज में खाद-डीजल के लिए भटक रहा अन्नदाता, कांग्रेस का सरकार पर हमला

मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट। 

एक तरफ मानसून ने अब तक साथ नहीं दिया खेत प्यासे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार की नीतियों से किसान खाद और डीजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। मऊगंज जिले में अन्नदाता की यह हालत देखकर जिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के उपाध्यक्ष एवं जनपद पंचायत नईगढ़ी के पूर्व उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह "पिंटू" ने कहा कि सरकार किसानों को अन्नदाता" कहती है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। सरकार द्वारा बनाई गई नई नीतियों के कारण आज किसान को खाद खरीदने के लिए 30 से 40 किलोमीटर दूर स्लॉट बुकिंग वाली दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

नई स्लॉट बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह फ्लॉप

नृपेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि नई स्लॉट बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है। एक तो दूर-दराज जाना पड़ रहा है, दूसरी तरफ  दुकानदार मनमानी पर उतर आए हैं। किसानों को मजबूरन सुपर फास्फेट के साथ यूरिया लेने की शर्त रखी जा रही है।

नतीजा यह है कि जो सुपर फास्फेट खाद पिछले साल 600 रुपए प्रति क्विंटल मिल जाती थी। वही खाद अब 1200 रुपए प्रति क्विंटल तक बेची जा रही है। पिछले साल की तुलना में सुपर फास्फेट करीब 300 रुपए प्रति बैग थी, जिसकी इस साल करीब 600 रुपए कीमत हो चुकी है।

इसी तरह डीएपी खाद पिछले साल की तुलना में करीब 800 रूपए प्रति बैग ज्यादा दाम पर दुकानों में मिल रही है, अन्नदाता के लिए इतनी महंगी खाद कमर तोड़ने वाली जैसी स्थिति में पहुंचा दी है। किसान को महंगी खाद खरीदने की मजबूरी है।

डीजल को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश

डीजल को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। सरकार ने कहने के लिए तो किसानों के उपयोग के लिए डिब्बे में डीजल देने की अनुमति तो दे दी, लेकिन खेतों की जुताई के लिए डीजल नहीं मिल रहा। पेट्रोल पंप संचालक किसानों को डीजल देने से साफ मना कर दे रहे हैं। यह कहां की नीति है कि किसान खेत पर काम कर रहा है और ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल टंकी जाए तभी डीजल मिलेगा। कृषि मशीनरी हेतु डीजल ना मिलने से कई जगह किसानों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आई हैं।

एक तरफ महंगी खाद, दूसरी तरफ डीजल की कालाबाजारी

नृपेन्द्र सिंह सिंह ने कहा, बारिश नहीं होने से पहले ही किसान प्रकृति की मार झेल रहा था। अब सरकार की नीति ने कमर तोड़ दी है। एक तरफ महंगी खाद, दूसरी तरफ डीजल की कालाबाजारी। किसान खेत जोतने जाए तो कैसे जोते?

उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद को किसान हितैषी बताती है तो फिर अन्नदाता को खाद के लिए 40 किलोमीटर क्यों भटकना पड़ रहा है? क्यों खाद की कीमतें दोगुनी हो गई हैं? क्यों पेट्रोल पंपों पर किसानों को अपमानित किया जा रहा है?

कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी

कांग्रेस नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की इस लापरवाही और लूट का जवाब किसान आने वाले समय में जरूर देगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल प्रभाव से हर ब्लॉक और पंचायत स्तर पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, स्लॉट बुकिंग की बाध्यता हटाई जाए और पेट्रोल पंपों को किसानों को डीजल देने के निर्देश दिए जाएं।

अन्यथा कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करने को बाध्य होगी। वहीं, किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद और डीजल नहीं मिला तो रबी की बुवाई प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर उत्पादन और आम जनता की थाली पर पड़ेगा।