भोपाल में अवैध प्लाटिंग पर सिर्फ दिखावटी कार्रवाई! बाउंड्री वाल तोड़ी, अब नेट की जाली लगाकर फिर शुरू हुआ काम

बाउंड्री वाल तोड़ी गई, लेकिन अब उसी जगह नेट लगाकर फिर प्लॉट काटने का आरोप। कैचमेंट और ग्रीन बेल्ट में चल रहे इस मामले पर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें।

भोपाल में अवैध प्लाटिंग पर सिर्फ दिखावटी कार्रवाई! बाउंड्री वाल तोड़ी, अब नेट की जाली लगाकर फिर शुरू हुआ काम

भोपाल | विवेक मिश्रा

भोपाल के हुजूर तहसील अंतर्गत मेंडोरी क्षेत्र में कैचमेंट, ग्रीन बेल्ट और डूब क्षेत्र जैसी संवेदनशील जमीनों पर हो रही कथित अवैध प्लाटिंग का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई। बाउंड्री वाल का एक हिस्सा तोड़ने के बाद अब उसी जगह हरे रंग की नेट की जाली लगाकर फिर से प्लाटिंग का काम शुरू कर दिया गया है।

पब्लिक वाणी की टीम ने 9 जुलाई 2026 को दोबारा मौके का निरीक्षण किया, जहां स्थानीय लोगों की शिकायत सही साबित होती दिखाई दी। टीम ने पाया कि मौके पर अब भी प्लॉट काटे जा रहे हैं और कई निर्माण पहले की तरह मौजूद हैं।

फरवरी में खुलासा, चार महीने बाद भी चालू अवैध कारोबार

इस पूरे मामले का खुलासा पब्लिक वाणी ने 21 फरवरी 2026 को किया था। खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में जरूर आया, लेकिन कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रही।

बताया जा रहा है कि तीन स्थानों पर केवल बाउंड्री वाल का कुछ हिस्सा हटाकर कार्रवाई की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई। जबकि मौके पर सड़क, नाली और अन्य निर्माण अब भी जस के तस बने हुए हैं।

तत्कालीन कलेक्टर ने दिए थे सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामला सामने आने के बाद तत्कालीन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने एसडीएम विनोद सोनकिया और तत्कालीन तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी को जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण कराया और हल्का पटवारी रावेंद्र सिंह से रिपोर्ट मांगी। पटवारी ने अपनी लिखित रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अवैध प्लाटिंग की पुष्टि की थी। इसके बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और इस दौरान संबंधित जमीनों की रजिस्ट्रियां भी होती रहीं। स्थानीय लोगों का दावा है कि अब भी रजिस्ट्रियां जारी हैं।

ग्रामीणों का आरोप- बेरखेड़ी में भी हो रही अवैध प्लाटिंग

ग्रामीणों का आरोप है कि मेंडोरी के अलावा बेरखेड़ी क्षेत्र में भी सरपंच पति कृष्णकांत पाल और उनके सहयोगियों द्वारा अवैध प्लाटिंग की जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहे, लेकिन मकान निर्माण की अनुमति के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। पब्लिक वाणी ने सरपंच पति कृष्णकांत पाल से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। वहीं, एसडीएम विनोद सोनकिया ने भी कॉल और संदेश का जवाब नहीं दिया।

अफसरों ने बारिश को बताया कार्रवाई में बाधा

मौजूदा अधिकारियों का कहना है कि बारिश की वजह से कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। हालांकि पब्लिक वाणी की टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया कि वहां तक वाहन आसानी से पहुंच सकते हैं।

रिपोर्ट बदलने से इनकार करने पर पटवारी का हुआ तबादला

सूत्रों के मुताबिक हल्का पटवारी रावेंद्र सिंह ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा था कि मौके पर अवैध प्लाटिंग हो रही है। बताया जाता है कि बाद में उन पर मौखिक दबाव बनाया गया कि नामांतरण के दौरान अवैध प्लाटिंग का उल्लेख न किया जाए। लेकिन पटवारी ने रिपोर्ट बदलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह गलत तथ्य दर्ज नहीं करेंगे। सूत्रों का दावा है कि इसके कुछ समय बाद उनका तबादला कर दिया गया।

अब वर्तमान कलेक्टर ने दिए दोबारा जांच के निर्देश

तत्कालीन तहसीलदार के स्थानांतरण के बाद मामला राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव और वर्तमान कलेक्टर के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद दोबारा जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

चार्ज संभाल रहे तहसीलदार अतुल शर्मा ने मौके पर कार्रवाई की, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि केवल दीवार तोड़कर कार्रवाई पूरी मान ली गई, जबकि सड़क, नाली और अन्य निर्माण आज भी मौजूद हैं।

अधिकारियों ने क्या कहा?

तहसीलदार अतुल शर्मा ने कहा कि बारिश के कारण अभी वहां वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। बारिश कम होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अवैध प्लाटिंग के संबंध में प्रतिवेदन रजिस्ट्रार कार्यालय को भेज दिया गया है। वहीं, पूर्व तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि कार्रवाई के दिन वे पद पर नहीं थे, इसलिए वर्तमान तहसीलदार ही इस संबंध में जानकारी दे सकते हैं। हल्का पटवारी नरेंद्र पोहार ने कहा कि तहसीलदार के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई थी। उनके अनुसार तीन तरफ की बाउंड्री तोड़ी गई है, जबकि एक तरफ फसल खड़ी होने के कारण कार्रवाई नहीं की गई।

बड़े सवाल जो अब भी कायम हैं

  • अवैध प्लाटिंग की जानकारी मिलने के बावजूद चार महीने तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  • यदि प्लाटिंग अवैध थी तो रजिस्ट्रियां कैसे होती रहीं?
  • सड़क और नाली पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
  • कैचमेंट और डूब क्षेत्र में निर्माण की अनुमति किसने दी?
  • जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कब होगी?
  • क्या केवल बाउंड्री वाल तोड़ देना ही कार्रवाई माना जाएगा?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक पूरी अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रशासन की कार्रवाई केवल औपचारिकता ही मानी जाएगी।