20 नवंबर को 10वीं बार CM बनेंगे नीतीश कुमार
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद में NDA के नेतृत्व में नई सरकार की प्रक्रिया तेज हो गई है. 20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद में NDA के नेतृत्व में नई सरकार की प्रक्रिया तेज हो गई है. 20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. नई सरकार में चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे. भाजपा-जदयू के मंत्रियों की संख्या लगभग बराबर 16-16 होगी। लोजपा (आर) से 2, हम और रालोमो से 1-1 मंत्री होंगे। भाजपा, जदयू, हम के बाद पहली बार नई सरकार में चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे। सबकुछ लगभग तय हो चुका है.
बता दें कि रविवार को प्रधानमंत्री ने NDA के वरिष्ठ नेताओं के साथ नई सरकार के रूपरेखा पर बातचीत की थी, इसके पहले गृह मंत्री अमित शाह के साथ JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ कि किस पार्टी से कितने मंत्री होंगे. जिसके बाद NDA के घटक दल अपने-अपने विधायक दल के नेता चुनने की कवायत में लगे हैं.
JDU के खाते में सीएम नीतीश कुमार समेत 16 मंत्री, भाजपा के खाते में दो डिप्टी सीएम समेत 16 मंत्री, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के खाते में दो मंत्री पद देने की बात सामने आ रही है. हालांकि, चिराग की पार्टी के नेता अपने खाते में तीन मंत्री चाहते हैं. उनका कहना है कि अगर छह विधायकों के फॉर्मूले को मनाना है तो उस हिसाब से उनके 19 विधायक हैं. इसलिए तीन मंत्री का पद देना ज्यादा बेहतर होगा. राजनीतिक पंडितो का कहना है कि विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। इसलिए वह दो डिप्टी सीएम समेत 16 मंत्री को शपथ दिला सकती है. वहीं जदयू को सीएम पद के साथ 15 मंत्री शपथ दिला सकते हैं. अगर जदयू 15 पर मान लेती है तो इसका फायदा चिराग को मिलेगा. इस स्थिति में चिराग की पार्टी में तीन मंत्री शपथ ले पाएंगे.
sanjay patidar 
