Sagar Liquor Case: जहरीली शराब कांड में बड़ा एक्शन, 2 शराब लाइसेंस निरस्त; न्यायिक जांच आयोग गठित
Liquor License Cancelled : कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है कि अवैध और संदिग्ध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।
Sagar Poisonous Liquor Case: सागर के बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में राज्य सरकार ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोग पूरे मामले की जांच करेगा। आयोग को तीन महीने में रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी. इसका मुख्यालय सागर रखा गया है। जांच के लिए तीन बिंदु तय किए गए हैं।
आयोग सबसे पहले जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के कारण, स्वरूप और परिस्थितियों की जांच करेगा। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र के आबकारी, पुलिस और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने निर्धारित दायित्वों का कितना पालन किया, इसकी भी जांच की जाएगी।
जिला प्रशासन का एक्शन
मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा एक्सन लिया है. कलेक्टर प्रतिभा पाल (Collector Pratibha Pal) ने शराब कांड संलिप्त पाए गए आरोपियों से जुड़े शराब लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत मदिरा अनुज्ञप्तियों पर की गई है। प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया है।
दो थानों में दर्ज हुई FIR
बंडा में हुई घटना के बाद थाना विनायका और थाना बंडा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। इसके बाद दोनों मामलों में कानूनी जांच शुरू कर दी गई। FIR में सामने आए नामों के आधार पर आबकारी विभाग ने भी लाइसेंस संबंधी कार्रवाई की।
मगरधा मदिरा समूह का लाइसेंस निरस्त
प्रशासन के अनुसार, मगरधा मदिरा समूह (SGR/31) के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा का कंपोजिट लाइसेंस रद्द किया गया है। सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा ग्राम रूसल्ला, जिला सागर के निवासी बताए गए हैं। प्रशासन ने मामले में सामने आए तथ्यों और FIR में दर्ज जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की है।
बरेठी मदिरा दुकान पर भी कार्रवाई
इसी कार्रवाई के तहत बरेठी मदिरा दुकान (SGR/10-B) का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। इस दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर हैं, जो बंडा के हरीसिंह गौर वार्ड के निवासी बताए गए हैं। दोनों लाइसेंस वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत थे। अब प्रशासन के आदेश के बाद इनकी वैधता समाप्त कर दी गई है।
अवैध कारोबार पर सख्त रुख
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है कि अवैध और संदिग्ध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

