Safe Click 2.0 अभियान का समापन: 15 दिन में 8,600 जागरूकता कार्यक्रम, 9 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा संदेश

भोपाल में सेफ क्लिक 2.0 साइबर सुरक्षा अभियान का समापन हुआ। 15 दिनों में मध्य प्रदेश में 8,600 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए और 9 करोड़ से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।

Safe Click 2.0 अभियान का समापन: 15 दिन में 8,600 जागरूकता कार्यक्रम, 9 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा संदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए गए 15 दिवसीय 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर सुरक्षा अभियान का समापन मंगलवार को भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में हुआ। समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों को प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

यह अभियान 24 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुरू किया था। अभियान के दौरान प्रदेशभर में स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी और निजी संस्थानों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई और लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए गए।

15 दिनों में 8,600 कार्यक्रम, 9 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा संदेश

समापन समारोह में बताया गया कि अभियान के तहत प्रदेशभर में 8,600 से अधिक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 1 करोड़ लोगों तक सीधे (ऑफलाइन) और 8 करोड़ से अधिक लोगों तक ऑनलाइन माध्यमों से साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।

अभियान के दौरान कई जिलों में नवाचार भी देखने को मिले। सिवनी में मातृ शक्ति महिला संगठन ने घर-घर जाकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। वहीं साइबर जागरूकता से जुड़े वीडियो, जिन्हें डीएसपी संतोष पटेल ने साझा किया, सोशल मीडिया पर करोड़ों बार देखे गए।

लोगों में बढ़ी जागरूकता, साइबर ठगी के मामलों में मिला लाभ

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का सकारात्मक असर देखने को मिला। साइबर ठगी का शिकार होने वाले कई लोगों ने समय रहते शिकायत दर्ज कराकर अपनी राशि होल्ड करवाई। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचकर खुद को साइबर अपराधियों का शिकार बनने से सुरक्षित रखा।

इन संस्थाओं और अधिकारियों को किया गया सम्मानित

समारोह में गौरवी संस्था, नगर सुरक्षा समिति भोपाल, नगर सुरक्षा समिति जहांगीराबाद, आरकेडीएफ विश्वविद्यालय, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सैम कॉलेज सहित कई संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

वहीं पुलिस विभाग की ओर से एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान, विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक, पीएचक्यू के अधिकारी, साइबर सेल एसपी प्रणय नागवंशी, संतोष पटेल, रूपेश द्विवेदी, प्रांजलि शुक्ला, आरआई जय सिंह तोमर, टीआई धर्मेंद्र मौर्य सहित अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

'अपराधियों से हमेशा दो कदम आगे रहना होगा' : डीजीपी कैलाश मकवाणा

समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि साइबर अपराध, नशे और सड़क दुर्घटनाओं जैसे मामलों में पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले लोगों को जागरूक कर उन्हें सुरक्षित रखना है।

उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में शुरू किए गए सेफ क्लिक अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में कमी दर्ज की गई है। प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था शुरू होने से साइबर अपराध पीड़ितों को तेजी से राहत मिली है। अब 25 हजार रुपये या उससे अधिक के साइबर फ्रॉड के मामलों में भी ऑनलाइन ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।

डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए पुलिस और आम नागरिकों दोनों को उनसे दो कदम आगे रहकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।