विजयपुर सीट पर आज निर्णायक सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा की विधायकी पर टिकी नजरें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन को शून्य घोषित किया था, इसी पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

विजयपुर सीट पर आज निर्णायक सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा की विधायकी पर टिकी नजरें

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से जुड़े चुनावी विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। यह मामला कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को लेकर है, जिसे पहले ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ शून्य घोषित कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। यह मामला सूची में शामिल है और दोपहर तक इस पर प्रारंभिक निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है।

हाईकोर्ट ने क्यों रद्द किया था चुनाव

9 मार्च को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन रद्द कर दिया था। अदालत ने पाया कि उन्होंने अपने चुनावी शपथ पत्र में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी। उनके खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज थे, लेकिन उन्होंने केवल 4 का ही उल्लेख किया। दो मामलों की जानकारी छिपाना चुनावी नियमों का उल्लंघन माना गया और इसी आधार पर उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया गया।

रामनिवास रावत को विजेता घोषित किया था

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भाजपा नेता रामनिवास रावत को विजेता घोषित किया था, जो चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। हालांकि, अदालत ने मुकेश मल्होत्रा को सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए 15 दिन का समय भी दिया था। इस अवधि के दौरान रावत को विधायक के रूप में शपथ नहीं दिलाई जा सकती थी।

हाईकोर्ट ने दी थी 15 दिन की समयसीमा 

हाईकोर्ट द्वारा दी गई 15 दिन की समयसीमा 24 मार्च को पूरी हो रही है। ऐसे में मुकेश मल्होत्रा के लिए यह जरूरी है कि वे इस अवधि के भीतर सुप्रीम कोर्ट से राहत हासिल करें। यदि सर्वोच्च न्यायालय हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा देता है, तो उनकी विधायकी बनी रह सकती है। लेकिन अगर उन्हें राहत नहीं मिलती, तो उनका निर्वाचन निरस्त हो जाएगा और रामनिवास रावत के विधायक बनने का रास्ता साफ हो सकता है।

मुकेश मल्होत्रा का राजनीतिक सफर इस मामले को और महत्वपूर्ण बनाता है। वे पहले भाजपा में थे और राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं। बाद में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और 2024 में कांग्रेस में शामिल हो गए। विजयपुर सीट पर सहारिया आदिवासी समाज के हजारों वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिससे यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है।

फिलहाल, सभी की नजरें आज होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। आज की कार्यवाही यह तय करने में अहम होगी कि विजयपुर सीट पर वर्तमान विधायक अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या फिर नया राजनीतिक समीकरण सामने आता है।