GM के विरोध में PMGSY ठेकेदारों का धरना, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के लगाए आरोप

रामधुन गाकर ठेकेदारों ने जताया विरोध, पारदर्शी टेंडर और समय पर भुगतान की मांग

GM के विरोध में PMGSY ठेकेदारों का धरना, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के लगाए आरोप

सतना। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) सतना के महाप्रबंधक की कार्यशैली से नाराज ठेकेदारों ने सोमवार को कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे संविदाकारों ने महाप्रबंधक उमेश साहू पर भ्रष्टाचार, मानसिक उत्पीड़न और मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग में ठेकेदारों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इस दौरान ठेकेदारों ने रामधुन भी गाई।

ठेकेदारों ने ज्ञापन सौंपकर समस्या बताई

धरने के दौरान ठेकेदारों ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि जिले में जल संवर्धन योजना के तहत सड़कों के शोल्डर खोदकर पाइप लाइन बिछाई जा रही है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इसके बावजूद निरीक्षण में सड़क की गुणवत्ता के नाम पर कम अंक देकर भुगतान रोक दिया जाता है।

ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि नहर निर्माण कार्यों में भारी वाहनों की आवाजाही और मशीनों के उपयोग से डामर सड़कें खराब हो रही हैं। इसके लिए भी ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई का दबाव बनाया जाता है। उनका कहना है कि महाप्रबंधक द्वारा ब्लैकमेल कर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।

भुगतान रोकने की प्रथा समाप्त करने की मांग

ज्ञापन में विभाग में कथित कमीशनखोरी पर रोक लगाने, ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, स्थानीय छोटे ठेकेदारों को समान अवसर देने और बजट का हवाला देकर भुगतान रोकने की प्रथा समाप्त करने की मांग की गई। ठेकेदारों ने कहा कि कार्य पूर्ण होने अथवा रनिंग बिल का भुगतान निर्धारित समय सीमा में किया जाए।

इसके अलावा उन्होंने बाजार दरों के अनुरूप निर्माण दरों में संशोधन करने की मांग भी उठाई। ठेकेदारों का कहना था कि वे गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके लिए व्यावहारिक दरें और विभाग का सहयोग आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।