इंदौर के बिचौली क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक, डिलीवरी बॉय पर हमले का CCTV वायरल; वन विभाग की तलाश जारी

इंदौर के बिचौली क्षेत्र में तेंदुए के मूवमेंट का मामला सामने आया है। वायरल सीसीटीवी फुटेज के बाद वन विभाग ने इलाके में सर्चिंग अभियान चलाया, लेकिन बारिश के कारण तेंदुए के पगमार्क नहीं मिल सके। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और तेंदुए की तलाश जारी है।

इंदौर के बिचौली क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक, डिलीवरी बॉय पर हमले का CCTV वायरल; वन विभाग की तलाश जारी
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इंदौर के बिचौली क्षेत्र में हाल ही में एक तेंदुए का मूवमेंट देखे जाने की खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक सीसीटीवी फुटेज में दावा किया गया है कि एक तेंदुए ने सड़क से गुजर रहे एक डिलीवरी बॉय पर हमला करने का प्रयास किया। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है। इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सर्चिंग भी की, लेकिन बारिश होने से तेंदुए के पैरों के निशान नहीं मिल सके। फिलहाल टीम क्षेत्र में तेंदुए की तलाश कर रही है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर के डीएफओ डॉ. लाल सुधाकर सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। वन विभाग ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों, जिनमें डीसीपी ज़ोन-2 अमन राठौर भी शामिल हैं, से संपर्क कर आपसी समन्वय के साथ आसपास के पूरे इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया।

वहीं, डीएफओ ने बताया कि चूंकि क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी, इसलिए तेंदुए के पगमार्क यानी पैरों के निशान या अन्य कोई पुख्ता संकेत मौके पर नहीं मिल पाए हैं और न ही दोबारा उसके दिखने की कोई सूचना प्राप्त हुई है। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर उसमें 7 जुलाई की तारीख और रात का समय दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के बयानों और फुटेज के आधार पर इस घटना के बिचौली क्षेत्र का होने की संभावना जताई जा रही है।

तेंदुए के आने के स्रोत के बारे में डीएफओ ने कहा कि इंदौर शहर के आसपास रालामंडल और देवगुराड़िया जैसी पहाड़ियां और संरक्षित सेंचुरी क्षेत्र हैं, जहां तेंदुए पहले से मौजूद हैं। संभावना है कि यह तेंदुआ वहीं से भटककर रिहायशी इलाके की तरफ आ गया होगा।

वीडियो में दिख रहे डिलीवरी बॉय के संबंध में वन विभाग ने अपने स्टाफ को उसकी तलाश करने और स्वास्थ्य की जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, शुरुआती फुटेज को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई होगी। वन विभाग ने आश्वस्त किया है कि यदि पीड़ित सामने आता है, तो नियमानुसार उसके उपचार की पूरी व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।