पुलिस को धमका रहे गली छाप गुंडे, गाड़ी में की तोड़फोड़

कम हो रहा खाकी का डर, पुलिस को धमका रहे गली छाप गुंडे गाड़ी में तोड़फोड़, गाली-गलौज कर पुलिस कर्मियों से की मारपीट एएसआई ने सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई एफआईआर, अब तक नहीं मिले आरोपी

पुलिस को धमका रहे गली छाप गुंडे, गाड़ी में की तोड़फोड़

सतना: जिले में खाकी का डर कम होता जा रहा है। आलम यह है कि गली छाप गुंडे पुलिस को खुलेआम गोली मारने, अबकी बारी पुलिस के लिए पूरी तैयारी है। जैसे शब्दों का उपयोग कर खुली धमकियां दे रहे हैं। धमकियां भी सोशल मीडिया और सरेराह दी जा रही हैं। इन सबके बावजूद गली छाप गुंडों को खाकी सबक नहीं सिखा पा रही है। शनिवार को भी शहर में एक ऐसा ही घटनाक्रम हुआ। गिरफ्तार कर ले जाए जा रहे आरोपी को छुड़ाने गुंडों ने पुलिस की गाड़ी रोक ली। गाड़ी में पथराव कर तोड़फोड़ की। गाली-गलौज कर पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई की। इस मामले में सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

ओवरटेक कर रुकवाया वाहन

मझगवां थाना में दर्ज अपराध क्र. 51/26 धारा 126(2), 296(ए), 309(6), 312 बीएनएस एवं 11/13 एडी एक्ट के फरार आरोपी की तलाश में शनिवार को मझगवां थाना पुलिस की टीम ने शहर के सिविल लाइन थाना अन्तर्गत दबिश दी। महदेवा रोड पतेरी से फरार आरोपी अजय जायसवाल उर्फ अज्जू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अज्जू को लेकर मझगवां पुलिस की टीम निजी वाहन से मझगवां के लिए रवाना हुई। सिविल लाइन तिराहा में कोठी रोड पर शाम 5.50 बजे के करीब काले रंग की कार क्र. एमपी 19जेडडी/5642 के चालक ने ओवरटेक कर पुलिस का वाहन रुकवा लिया। पुलिस का वाहन रुकते ही लूट के आरोपी अज्जू को छुड़वाने के  लिए उसके साथियों ने वाहन को घेरकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। तोड़फोड़ में पुलिस के निजी वाहन का कांच टूट गया। आरोपियों ने पुलिस अभिरक्षा से आरोपी अज्जू को छुड़ाने का पूरा प्रयास किया।

मारपीट कर दी जाने से मारने की धमकी

सरेराह शहर में बीच चौराहे में पुलिस का निजी वाहन रुकवा कर गुंडों ने वाहन में तोड़फोड़ कर अपने साथी लूट के आरोपी को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने के लिए वाहन से उतारने का प्रयास किया। जब साथी को पुलिस के कब्जे से छुड़ाने में आरोपी कामयाब नहीं हो पाए तो उन्होंने वाहन में बैठे पुलिस कर्मियों के साथ गाली-गलौज कर मारपीट शुरू कर दी। वाहन में मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे, एएसआई जय सिंह बागरी, आरक्षक रविकांत यादव व अन्य पुलिस कर्मी बैठे हुए थे। सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई गई एफआईआर में एएसआई बागरी ने उल्लेख किया कि आरोपियों ने गाली-गलौज कर अश्लील गालियां दी, झूमाझटकी कर हाथ - मुक्का से मारपीट की।

एक आरोपी नामजद

मझगवां थाना में पदस्थ एएसआई जय सिंह बागरी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने पुलिस का निजी वाहन रुकवा कर तोड़फोड़ करने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने व पुलिस कर्मियों के साथ गाली-गलौज कर व हाथापाई कर जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। एएसआई की शिकायत पर आरोपी मोनू शुक्ला निवासी महदेवा व तीन अन्य अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धारा 132, 121(1), 324(4), 3/5 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश पुलिस के द्वारा की जा रही है। हालांकि अब तक पुलिस पर अटैक करने वाले सभी आरोपी गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं।

फरार तस्कर के वाहन से आरोपी पकड़ने आई थी मझगवां पुलिस!

इस मामले मे मझगवां पुलिस की कार्रवाई संदेहास्पद है। कार्रवाई में शामिल एएसआई जय सिंह बागरी ने सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई गई एफआईआर में उल्लेख किया कि थाना में दर्ज प्रकरण के फरार आरोपी की तलाश के लिए निजी वाहन यूपी 71बीई/6124 से सतना शहर के महदेवा- पतेरी आए हुए थे। बताया गया कि उक्त वाहन विंध्य के कुख्यात मवेशी तस्कर निहाल अख्तर के स्वामित्व का है। काले रंग की उक्त लग्जरी कार को मवेशी तस्कर निहाल ने यूपी के फतेहपुर निवासी अपने रिश्तेदार मो. शीबू के नाम से फाइनेंस कराया था। काले रंग की इस कार का उपयोग मवेशी तस्कर निहाल का बेटा सैफ करता है। जिस प्रकरण में अजय जायसवाल उर्फ अज्जू आरोपी है उस प्रकरण का मुख्य आरोपी मवेशी तस्कर निहाल का बेटा सैफ अख्तर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस प्रकरण का मुख्य आरोपी 6माह से फरार चल रहा है उससे संबंधित वाहन का उपयोग मझगवां पुलिस ने प्रकरण में फरार दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए किस मंशा से किया। आरोप यह भी है कि जिस मोनू शुक्ला ने मझगवां पुलिस की टीम पर अटैक किया उसके रिश्ते भी मझगवां थाना के कई पुलिस कर्मियो ंसे बेहद ही मधुर है। अब देखना यह है कि मवेशी तस्करों और पुलिस का गठबंधन सामने आने के बाद आईजी रीवा रेंज और पुलिस अधीक्षक के द्वारा संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ क्या एक्शन लेते हैं?

आईजी के दखल के बाद दर्ज हुआ था प्रकरण

मवेशी तस्कर निहाल अख्तर के बेटे सैफ अख्तर और उसके साथियों ने मवेशी से लोड ट्रक रुकवाया। चालक और खलासी से मारपीट की। कट्टे की नोक पर 25 हजार रुपए आॅनलाइन ट्रांसफर कराए। ट्रक चालक एहसान ने तमाम प्रमाण के साथ मझगवां थाना में नामजद शिकायती आवेदन दिया लेकिन थाना प्रभारी मझगवां आदित्य नारायण धुर्वे ने ट्रक चालक को आरोपी बनाए जाने की धमकी देकर थाना से चलता कर दिया गया था। यह मामला तब आईजी रीवा रेंज गौरव राजपूत के संज्ञान में लाया गया। आईजी के  दखल के बाद 6 जनवरी को मझगवां थाना में सैफ अख्तर समेत अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। मुख्य आरोपी सैफ अख्तर समेत चार फरार चल रहे हैं जबकि चार आरोपी गिरप्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।