Satna Viral Video Case : BBA की छात्रा को पीटने वाली मुख्य आरोपी लड़की की अग्रिम जमानत खारिज

Satna Viral Video Case : BBA की छात्रा से मारपीट के मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। विवाद की वजह बताया जा रहा छात्र को जेल भेजा गया था जो अब जमानत पर बाहर है।

Satna Viral Video Case : BBA की छात्रा को पीटने वाली मुख्य आरोपी लड़की की अग्रिम जमानत खारिज

Satna Viral Video Case : सतना। शहर के कोलगवां थाना क्षेत्र के नगर वन के पास ले जाकर बीबीए की छात्रा के साथ मारपीट कर एक युवक से वीडियो कॉल कर माफी मंगवाने की घटना की सूत्रधार बताई जा रही लड़की को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में जिला अदालत से भी चारों आरोपी लड़कियों को राहत नहीं मिली थी। विवाद की वजह बताया जा रहा छात्र को जेल भेजा गया था जो अब जमानत पर बाहर है।

यह है मामला

पिछले दिनों एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें चार नकाबपोश लड़कियां एक लड़की को लाठी-डंडे व लात-जूतों से बेरहमी पूर्वक पीटते हुए दिखाई दे रही हैं। पीटने वाली लड़कियां बीबीए की छात्रा को एक अन्य निजी कॉलेज के छात्र श्रवण सेन से संबंध रखने के लिए धमकाती हैं। वीडियो कॉल पर उससे माफी मंगवाती हैं। 

मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने पर 12 सितम्बर को कोलगवां थाना पुलिस के द्वारा पीड़िता छात्रा की शिकायत पर अपराध क्र. 1283/26 धारा 296बी, 115(2), 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत खुशी पांडेय निवासी टिकुरिया टोला, अंजली सिंह निवासी धवारी, रीमा भोजवानी निवासी सिंधी कैम्प और रिया मिश्रा को आरोपी बनाया। 

विवेचना के उपरांत प्रकरण में धारा 74, 75(2)(3), 78(2), 79, 61(2), 140(3) का इजाफा कर श्रवण सेन को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। श्रवण को जिला कोर्ट से सशर्त जमानत मिली। आरोपी लड़कियों में रिया व अन्य लड़कियों की तरफ से पहले अग्रिम जमानत जिला अदालत में लगाई गई जो निरस्त हो गई।

गिरफ्तारी पर पुलिस नहीं है गंभीर

6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच में सुनवाई हुई। पीड़िता की तरफ से एड. अमित पांडेय ने प्रभावी पैरवी करते हुए घटना से जुड़े वीडियो, मारपीट और धमकाने के तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी खुशी पांडेय पिता प्रकाश पांडेय निवासी टिकुरिया टोला की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। 

आरोप है कि जिला अदालत और हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद कोलगवां थाना पुलिस के द्वारा चारों आरोपी लड़कियों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे बल्कि उन्हें बचाव का मौका दिया जा रहा है।