रोहित सिसोनिया और परीक्षित झाड़े की कलेक्टर पदस्थापना पर कांग्रेस का विरोध: हाईकोर्ट जाने की तैयारी

इंदौर में अपर आयुक्त रहे रोहित सिसोनिया को कलेक्टर बनाए जाने और आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े को शाजापुर कलेक्टर बनाए जाने पर कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दोनों अधिकारियों की पदस्थापना पर सवाल उठाते हुए सरकार के फैसलों को लेकर नाराजगी जताई है।

रोहित सिसोनिया और परीक्षित झाड़े की कलेक्टर पदस्थापना पर कांग्रेस का विरोध: हाईकोर्ट जाने की तैयारी

इंदौर। मध्य प्रदेश में अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले के दौरान अपर आयुक्त रहे रोहित सिसोनिया को कलेक्टर बनाए जाने और आईडीए के सीईओ परीक्षित झाड़े को शाजापुर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दोनों नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

रोहित सिसोनिया की नियुक्ति पर उठाए सवाल 

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में रोहित सिसोनिया को दोषी पाया गया है। इसके बावजूद उन्हें कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करना पीड़ित परिवारों और क्षेत्र के नागरिकों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके उलट उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। कांग्रेस के अनुसार, इस फैसले से भागीरथपुरा के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

पदस्थापना आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस रोहित सिसोनिया की पदस्थापना के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस नियुक्ति पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

परीक्षित झाड़े की नियुक्ति पर भी नाराजगी

कांग्रेस ने आईडीए के सीईओ रहे परीक्षित झाड़े को शाजापुर कलेक्टर बनाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी के 19 सितंबर को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर परेशान करने और 14 लाख रुपये जमा कराने के मामले का उल्लेख करते हुए चौकसे ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

सरकार से जवाब चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस ने दोनों अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस हाईकोर्ट में कब याचिका दायर करती है और सरकार इन आरोपों तथा नियुक्तियों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।