Rahul Gandhi Press Conference: छात्रों ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप, X पर पोस्ट कर CJP को भी दिया समर्थन
राहुल गांधी ने दिल्ली में हिरासत में लिए गए छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस पर लगे मारपीट के आरोपों को उठाया और सबूत जुटाने की अपील की। वहीं, X पर पोस्ट कर उन्होंने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं का समर्थन करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के अधिकार का मुद्दा उठाया।
Rahul Gandhi Press Conference: नई दिल्ली में 14 अक्टूबर को राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान छात्रों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट, डंडे मारने, बाल खींचने और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनते हुए सबूत जुटाने की अपील की और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की बात कही। यह मामला CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बीच सामने आया है।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने सुनाई आपबीती
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रा आदिरा ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें कनॉट प्लेस थाने ले जाया गया, जहां बेसमेंट में 7–8 लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि जिस जगह उन्हें पीटा गया, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था। वहीं, प्रदर्शनकारी रमित ने पुलिस पर डंडे मारने और फोन छीनने का आरोप लगाया।
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— Congress (@INCIndia) October 14, 2026
अन्य छात्रों ने भी हिरासत के दौरान मारपीट और धमकी दिए जाने की बात कही। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी बोले- सबूत जुटाएं, दोषियों पर कार्रवाई होगी
छात्रों की बात सुनने के बाद राहुल गांधी ने उनसे घटना से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत साझा करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन सबूतों का इस्तेमाल किया जाएगा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत संबंधित अधिकारियों का जिक्र करते हुए छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की आवाज को देश की साझा आवाज बताते हुए कहा कि इसे दबाया नहीं जाना चाहिए।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भी राहुल गांधी का समर्थन
इसी बीच राहुल गांधी ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के समर्थन में भी बयान दिया। उन्होंने X पर लिखा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा लहराना अपराध नहीं है और इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है।
Waving the Tricolour at Jantar Mantar in a peaceful protest is not a crime. Jailing youth for it is an act of cowardice. Students. Youth. Journalists. The INDIA bloc. Different banners, one cause. All protests are one: citizens demanding their constitutional rights. Jantar Mantar belongs to the people of India. We will reclaim it.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 14, 2026
सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने तथा पहले दिए गए बांड की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग कर रही है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद
जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद CJP और विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल से हटाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद की गई। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी इसे विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जोड़ रहे हैं। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत ने इस विवाद को और राजनीतिक महत्व दे दिया है। फिलहाल छात्रों द्वारा लगाए गए पुलिस पर मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

