हेड कॉन्स्टेबल के पास 6.26 करोड़ की प्रॉपर्टी: सैलरी से 223% ज्यादा, 15 ठिकानों पर लोकायुक्त की रेड
देवास-इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: प्रधान आरक्षक फिरोज खान के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति के सुराग, सांवेर में 21.75 बीघा जमीन सौदा भी जांच के दायरे में
मध्यप्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में Lokayukta Police ने बड़ी कार्रवाई की है। Indore के Police Training College (PTC) में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक Firoz Khan के खिलाफ बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 की सुबह छापेमारी की गई। Indore और Ujjain लोकायुक्त की संयुक्त टीम ने सुबह 6 बजे Dewas और Indore में उसके कुल 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की। शुरुआती जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने की जानकारी दी गई है। लोकायुक्त के मुताबिक, Firoz Khan की ज्ञात वैध आय करीब 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले मिली संपत्ति का मूल्य काफी अधिक बताया जा रहा है। जांच में मकान, फ्लैट, प्लॉट, कृषि भूमि और कारोबारी फर्मों से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही बैंक खातों में हुए लेन-देन और परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित फर्मों की भी जांच की जा रही है।
15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा
लोकायुक्त की कार्रवाई Dewas में 11 और Indore में 4 ठिकानों पर की गई। Dewas में Firoz Khan के Adarsh Nagar स्थित निवास के अलावा Pushpakunj Colony, Vijay Nagar Colony, Indira Gandhi Nagar, Radhaganj और अन्य क्षेत्रों में संपत्तियों की तलाशी ली गई। वहीं, Indore में Banganga क्षेत्र स्थित Roshni Verma के निवास, Scheme Number 94 के Manorama Apartment और Shrinagar Colony के Shridevi Apartment सहित अन्य स्थानों पर जांच की गई।
इसके अलावा Dewas जिले के Gajipura, Jetpura और Gaddukhedi तथा Indore जिले की Sanwer तहसील के Guran गांव में स्थित कृषि भूमि और दूसरी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। लोकायुक्त की टीमें इन संपत्तियों के मालिकाना हक, खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम और आय के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई महानिदेशक Yogesh Deshmukh, डीआईजी Manoj Kumar Singh और लोकायुक्त एसपी Rajesh Sahay के निर्देशन में की गई। Dewas में डीएसपी Sunil Talan और Deepak Sejwar सहित टीम के अन्य सदस्य जांच में शामिल रहे। वहीं, Indore में डीएसपी Anand Chauhan और Dineshchandra Patel के नेतृत्व में तलाशी की कार्रवाई की गई।
6.26 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में Firoz Khan की कुल ज्ञात वैध आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है। इसमें वेतन से मिली करीब 75 लाख रुपये की रकम भी शामिल है। अन्य स्रोतों से हुई आय को जोड़कर यह आकलन किया गया है।
दूसरी ओर, जांच में 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने की जानकारी दी गई है। इस हिसाब से ज्ञात वैध आय से करीब 4 करोड़ 32 लाख 83 हजार 439 रुपये अधिक संपत्ति का अंतर बताया गया है। शुरुआती गणना के मुताबिक, यह अतिरिक्त संपत्ति वैध आय से लगभग 223.4 प्रतिशत ज्यादा है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि 223.4 प्रतिशत का आंकड़ा वैध आय से अधिक संपत्ति के अंतर को दर्शाता है। कुल अनुपातहीन संपत्ति का मूल्य ज्ञात वैध आय का लगभग 323.4 प्रतिशत बैठता है। फिलहाल ये आंकड़े जांच एजेंसी के शुरुआती आकलन पर आधारित हैं। जांच पूरी होने के बाद संपत्ति और आय से जुड़े अंतिम तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
मां-पत्नी के नाम फर्म, खातों में करोड़ों का लेन-देन
जांच के दौरान Firoz Khan की मां और पत्नी के नाम से जुड़ी Sahil Trading Company के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। लोकायुक्त की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में रकम कहां से आई, किन कामों में इस्तेमाल हुई और संबंधित लेन-देन का आरोपी की आय से क्या संबंध है।
इसके साथ ही Roshni Verma की Roshni Sales and Service नाम की फर्म की भी जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जमीन की खरीद में उनकी भूमिका सामने आने के बाद उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी Royal Green Real Estate के जरिए किए गए निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की पड़ताल भी कर रही है।
हालांकि, किसी फर्म के खाते में रकम का लेन-देन होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। इन लेन-देन का वास्तविक उद्देश्य और संपत्ति से संबंध जांच में जुटाए गए दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगा।
सांवेर में 21.75 बीघा जमीन के सौदे की भी जांच
लोकायुक्त की जांच में Sanwer तहसील के Guran गांव में करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा मामला भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता के बेटे और उसके पिता के बीच विवाद है।
आरोप है कि इस विवाद का फायदा उठाकर Firoz Khan ने अपनी परिचित Roshni Verma के नाम पर शिकायतकर्ता के पिता से कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया। इस जमीन के सौदे, संबंधित दस्तावेजों और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
इसके अलावा Dewas में मकानों, अलग-अलग कॉलोनियों के प्लॉट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। शिकायत में Firoz Khan पर पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में हस्तक्षेप करने, दूसरे लोगों के जरिए जमीनों का लेन-देन करने, संपत्ति में निवेश करने, कई वाहन रखने और लकड़ी का कारोबार करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बैंक खातों, लॉकरों की जांच से सामने आ सकते हैं तथ्य
लोकायुक्त की टीम संपत्तियों के दस्तावेजों के साथ बैंक खातों, फर्मों के वित्तीय रिकॉर्ड और निवेश से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। शुरुआती तलाशी में मिले दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल हुई रकम और उसके स्रोत का मिलान किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, बैंक खुलने के बाद तलाशी के दौरान सामने आए लॉकरों की जांच से भी संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, लॉकरों से क्या बरामद होता है, इसकी आधिकारिक जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल Dewas और Indore में लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी का अगला कदम जब्त दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों के रिकॉर्ड का मिलान करना होगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी संपत्ति आय से अधिक है और किन लोगों या फर्मों की भूमिका इस मामले में सामने आती है।
Varsha Shrivastava 
