दिल्ली से पटना तक दशहरे की धूम, PM मोदी ने तीर चलाकर किया रावण दहन; पंचकूला में जलेगा 221 फीट का पुतला
दिल्ली में PM मोदी ने प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण दहन किया। पटना में 90 फीट के रावण का पुतला जला, जबकि पंचकूला में 221 फीट ऊंचे पुतले का दहन आकर्षण रहेगा।
नई दिल्ली। देशभर में विजयादशमी का पर्व उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलीला में शामिल होकर भगवान राम का किरदार निभाने वाले कलाकारों की आरती उतारी और प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण दहन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामराज्य का मतलब सिर्फ शासन करना नहीं, बल्कि जनकल्याण सुनिश्चित करना है। वहीं, पटना में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ, जबकि हरियाणा के पंचकूला में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र रहा।
दिल्ली में PM मोदी ने किया रावण दहन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दशहरे के अवसर पर दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन मैदान पहुंचे। यहां आयोजित रामलीला में उन्होंने कलाकारों की आरती उतारी और प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने रामराज्य की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल सत्ता चलाना नहीं, बल्कि जनता का कल्याण करना है। दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है।
पटना में 90 फीट के रावण का दहन
बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में भी दशहरे का भव्य आयोजन हुआ। यहां 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन देखने के लिए करीब 2.5 लाख लोगों के पहुंचने की जानकारी दी गई है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते मैदान में उत्सव जैसा माहौल रहा।
अमित शाह ने लुधियाना में किया रावण दहन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के लुधियाना में आयोजित कार्यक्रम में रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया। दशहरे के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पंचकूला में 221 फीट ऊंचा रावण बनेगा आकर्षण
हरियाणा के पंचकूला में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन प्रस्तावित है। आयोजकों के मुताबिक, इसे देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों में शामिल बताया जा रहा है। विशाल पुतले को देखने के लिए लोगों में उत्सुकता रही।
दिल्ली में रावण के साथ जलेगा 30 फीट का कॉकरोच
दिल्ली में दशहरे के आयोजन के दौरान रावण के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने की भी तैयारी की गई है। यह आयोजन अपने अनोखे स्वरूप के कारण चर्चा में है।
दशहरे का पर्व हर साल बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। देशभर में आयोजित रावण दहन के कार्यक्रम इसी परंपरा का हिस्सा हैं, जहां लोग बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन कर त्योहार मनाते हैं।

