CJP Press Conference : पुलिस ने जारी किया हिरासत का वीडियो, CJP ने EC, केंद्र और पुलिस पर उठाए सवाल

CJP Press Conference : रिहाई के बाद CJP नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन जारी रखने की बात कही। सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे और नागरिकों से सड़कों पर उतरने की अपील की।

CJP Press Conference : पुलिस ने जारी किया हिरासत का वीडियो, CJP ने EC, केंद्र और पुलिस पर उठाए सवाल

CJP Press Conference : नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में रविवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस और CJP के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। पुलिस ने करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। राजधानी में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। CJP के अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा हुए। रिहाई के बाद दीपके ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन नहीं करने का कोई बॉन्ड नहीं भरा है और वे दोबारा सड़कों पर उतरेंगे।

दादी की मौत की खबर पर पुलिस ने दी सफाई

दिल्ली पुलिस ने रविवार को अभिजीत दीपके की हिरासत से जुड़ा वीडियो जारी किया। पुलिस ने CJP के उन आरोपों को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि दीपके को उनकी दादी के निधन की खबर देने के दौरान संवेदनशीलता नहीं बरती गई। पुलिस के मुताबिक, खबर मिलने पर अधिकारियों ने दीपके को परिवार से संपर्क करने में मदद की पेशकश की थी। 

उन्हें फोन कॉल, फ्लाइट और अन्य जरूरी सहायता देने के विकल्प बताए गए। पुलिस का दावा है कि दीपके ने खुद किसी से बात करने से इनकार किया और सोचने के लिए समय भी लिया। दूसरी ओर, आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस दादी की मौत की खबर देने के लिए कैमरा और माइक लेकर पहुंची थी। उन्होंने दावा किया कि दीपके बार-बार अपने चचेरे भाई से बात कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

CJP नेताओं ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया

रिहाई के बाद CJP नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन जारी रखने की बात कही। सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे और नागरिकों से सड़कों पर उतरने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने CJP के कई साथियों और AISF के सदस्यों को हिरासत में लिया तथा उनके साथ मारपीट की। 

आशुतोष रांका ने पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनराई विजयन का समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने अन्य संगठनों और राजनीतिक दलों से भी एकजुट होकर आंदोलन जारी रखने की अपील की। दीपके ने कहा कि उनकी दादी का निधन हुआ है और वे फिलहाल परिवार के साथ समय बिताने के लिए घर जा रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई पर CJP ने उठाए सवाल

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश किसने दिए थे और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ गलत व्यवहार किया गया, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों को नहीं रोका गया। सिंह ने यह भी दावा किया कि घर लौटने के बाद सरकारी अधिकारी उनके घर के नीचे मौजूद रहे। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

सौरव दास ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद पर बनाए रखने के लिए देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार उन्हें हटाने के पक्ष में क्यों नहीं है। दास ने RSS को लेकर भी दावा किया, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत में ज्ञानेश कुमार की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया। दास ने मौजूदा हालात की तुलना 1975 के आपातकाल से की और आरोप लगाया कि सरकार देश को टकराव की ओर ले जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है और प्रदर्शनकारियों की गलत छवि पेश की जा रही है।