Satna Tractor Protest : 10 घंटे के धरने के बाद भी नहीं छूटा ट्रैक्टर, कलेक्टर ने जांच का दिया भरोसा
Satna Tractor Protest : मझगवां रेंज ऑफिस में भाजपा विधायक गहरवार के साथ सैकड़ों ग्रामीण डटे रहे; रात 12 बजे कलेक्टर-एसपी पहुंचे, जांच के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
Satna News : सतना। वन विभाग द्वारा आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त किए जाने के विरोध में चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार का करीब 10 घंटे चला धरना रात 12 बजे खत्म हुआ। विधायक दोपहर करीब 2 बजे मझगवां स्थित वन विभाग के रेंज ऑफिस पहुंचे थे। उनके साथ बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए। विधायक ट्रैक्टर छोड़ने की मांग पर अड़े रहे, जबकि वन विभाग ने वन भूमि पर जुताई के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही।
मामला बढ़ने के बाद धरने की गूंज मुख्यमंत्री निवास भोपाल तक पहुंची। मुख्यमंत्री से विधायक की फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद रात करीब 12 बजे कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक ने धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, ट्रैक्टर मौके पर नहीं छोड़ा गया।
बताया जा रहा चित्रकूट विधायक के अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़े करने की इस कार्यशैली से सत्ता और संगठन में नाराजगी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार को भोपाल तलब किया।
विधायक बोले- आदिवासियों को परेशान किया जा रहा
धरने के दौरान विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों से ट्रैक्टर तत्काल छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा, या तो ट्रैक्टर छोड़ो, वरना आज रात यहीं कटेगी। विधायक ने आरोप लगाया कि वन विभाग आदिवासी ग्रामीणों को परेशान कर रहा है। उन्होंने ग्रामीण का पक्ष सुनकर कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।
विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सिर्फ गरीबों को परेशान करने के लिए ट्रैक्टर पकड़ लिया। एसडीओ ने कहा कि नियम विरुद्ध रात को ट्रैक्टर चल रहा था। विधायक ने कहा किसान ट्रैक्टर रात और दिन चलाता है ऐसा कोई नियम नहीं, कि रात को ट्रैक्टर नहीं चल सकता।
वन विभाग ने कहा- वन भूमि पर जुताई में जब्ती
चित्रकूट एसडीओ अभिषेक तिवारी और मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार के मुताबिक कररिया बीट के चुनहाहार क्षेत्र में वन भूमि पर जुताई की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर कक्ष क्रमांक पी-830 में कार्रवाई की। भूमि से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने पर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया और जुताई में इस्तेमाल बिना नंबर के ट्रैक्टर को जब्त किया गया।
अब जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
वन विभाग का कहना है कि मामला भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत दर्ज है और जब्त ट्रैक्टर को नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना छोड़ा नहीं जा सकता। वहीं विधायक और ग्रामीण कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कलेक्टर के जांच के आश्वासन के बाद अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

