CM डॉ. मोहन यादव ने बांटे 954 अनुकंपा नियुक्ति पत्र: स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार नई भर्तियों का ऐलान, 200 नए सांदीपनि विद्यालय भी खुलेंगे
राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 954 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र दिए, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी रहे मौजूद, 200 स्कूल शिक्षा और 200 जनजातीय कार्य विभाग के तहत होगा सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण, मध्य प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के 300 लंबित मामलों का साल के अंत तक होगा निराकरण
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग के अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 954 लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले सभी लोग पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने अब तक 85 हजार सरकारी पदों पर नई नियुक्तियां दी हैं। इनमें करीब 15 हजार नियुक्तियां स्कूल शिक्षा विभाग में हुई हैं। आने वाले समय में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार नई नियुक्तियां की जाएंगी।
954 लोगों को मिली अनुकंपा नियुक्ति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री के संबोधन के अनुसार, इनमें 661 सहायक ग्रेड-3 के अभ्यर्थी, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों से उन परिवारों को सहारा मिलेगा, जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग का हर कर्मचारी, प्रमुख सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक, प्रदेश के बच्चों का भविष्य बनाने में योगदान देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नियुक्ति पाने वाले लोग अपनी नई जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कार्य संस्कृति बदली है और लोगों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।
अनुकंपा नियुक्ति के 300 लंबित मामलों का होगा निराकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के करीब 300 मामले अभी लंबित हैं। सरकार की कोशिश है कि इन मामलों का भी जल्द निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पद खाली होने और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के साथ इन प्रकरणों को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े शेष मामलों का भी निराकरण कर दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने सरकारी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की है। करीब एक लाख पदों पर अलग-अलग स्तर की पदोन्नतियां दी गई हैं। इससे कई पद खाली हुए हैं, जिन पर आगे भर्ती की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस साल की विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार नई भर्तियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक करीब 85 हजार नई सरकारी नियुक्तियां की हैं। इनमें लगभग 15 हजार नियुक्तियां स्कूल शिक्षा विभाग में हुई हैं। अब विभाग में 20 हजार नई नियुक्तियां करने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी विभाग में नियुक्तियों और कर्मचारियों से जुड़े फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने का काम किया है। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके लिए राहत और खुशी का अवसर है।
200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य में फिलहाल 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। अब सरकार 200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी दे रही है। इनके माध्यम से नए भवन और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों के लिए भी 200 नए विद्यालय भवनों की सौगात देने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहले की तुलना में काफी बदलाव आया है। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि आज के स्कूलों और पहले के स्कूलों की सुविधाओं में बड़ा अंतर दिखाई देता है। सरकार का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलें।
स्कूल शिक्षा विभाग का बजट बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभाग का बजट अब 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संसाधन बढ़ा रही है। इसके तहत स्कूलों के भवन, पढ़ाई की सुविधाओं और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गांवों और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि आर्थिक या ग्रामीण पृष्ठभूमि के कारण किसी विद्यार्थी के अवसर सीमित न हों।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लैपटॉप वितरण का दायरा सीमित था, लेकिन अब इस साल करीब 1.45 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी देने की योजना का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों को पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहायता देने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप और स्कूटी जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है और वे अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं।
कर्मचारियों के हित में भी कई फैसले
कार्यक्रम में मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विभाग की ओर से करीब 29 हजार कर्मचारियों को क्रमोन्नति देने, पिछले तीन महीनों में 1,500 से अधिक पेंशन प्रकरणों का निराकरण करने और सीएम हेल्पलाइन में लंबित करीब 15 हजार मामलों को निपटाने की जानकारी दी।

मंत्री ने कहा कि विभाग ने शिक्षकों की नियुक्ति सहित कर्मचारियों से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। कार्यक्रम में अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले लोगों और उनके परिवारों के लिए इसे नई शुरुआत का अवसर बताया गया। सरकार का कहना है कि नियुक्तियों, पदोन्नति और लंबित मामलों के निराकरण के जरिए विभागीय व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
Varsha Shrivastava 
