Delhi Anti-SIR Protest : बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास एंटी SIR प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़’ के लगे नारे

Delhi Anti-SIR Protest : यह प्रदर्शन ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ और छात्र संगठन AISA ने आयोजित किया था। दोनों संगठनों ने बंगला साहिब से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया था।

Delhi Anti-SIR Protest : बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास एंटी SIR प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़’ के लगे नारे

Delhi Anti-SIR Protest : नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन हुआ। बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में उनके पोस्टर थे। यह प्रदर्शन ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ और छात्र संगठन AISA ने आयोजित किया था। दोनों संगठनों ने बंगला साहिब से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में ही प्रदर्शनकारियों को रोक लिया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

SIR के खिलाफ कई संगठनों ने मिलकर किया प्रदर्शन

‘पीपल अगेंस्ट SIR’ मंच का गठन पिछले सप्ताह किया गया था। इसका उद्देश्य SIR के विरोध में अलग-अलग संगठनों को एक साथ लाना है। इस मंच में नागरिक समूहों, किसान यूनियनों, मजदूर संगठनों और महिला तथा युवा संगठनों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। प्रदर्शन के दौरान CPI नेता एनी राजा ने कहा कि वे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले केंद्र सरकार के कथित तरीकों के खिलाफ देश की रक्षा के लिए एकजुट हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बंगला साहिब गुरुद्वारे और जंतर-मंतर के आसपास यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की। पुलिस के अनुसार, इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना थी। इससे आसपास की सड़कों पर जाम लगने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई। पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि वे यात्रा की योजना बनाते समय संभावित भीड़ और यातायात प्रतिबंधों को ध्यान में रखें।

सौरव दास - आशुतोष रांका को फिर मिल सकता है नोटिस

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कॉकरोच पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए दोबारा नोटिस भेज सकती है। दोनों को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने पुलिस से अतिरिक्त समय मांगा है। दोनों नेताओं को बुधवार को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट अदालत से जमानत मिली थी। उन्हें 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा किया गया। जमानत की शर्तों में शांति बनाए रखने का भरोसा देना और जंतर-मंतर को दोबारा आधिकारिक प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने तक वहां प्रदर्शन नहीं करना शामिल है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद दर्ज हुए थे मामले

दिल्ली सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके अगले दिन 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका वहां तिरंगा लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में दोनों को हिरासत में लिया था। बाद में उनकी हिरासत बढ़ाई गई। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस से जुड़े दोनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। कनॉट प्लेस से संबंधित मामला पहले ही क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित किया जा चुका था।

AISA अध्यक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले पर नजर

दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर फैसला सुनाने वाला है। उन्होंने पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने को कहा गया था। इस मामले में अदालत के फैसले पर नजर बनी हुई है। वहीं, SIR के खिलाफ प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।