Indore Water Crisis : इंदौर में अक्टूबर में ही जल संकट का अलर्ट, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुलाई जंबो बैठक

Indore Water Crisis : जल संकट को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों, महापौर और विधायकों के साथ मीटिंग की है। आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कैबिनेट मंत्री और महापौर ने स्वागत किया है।

Indore Water Crisis : इंदौर में अक्टूबर में ही जल संकट का अलर्ट, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुलाई जंबो बैठक

Indore Water Crisis :  मध्य प्रदेश। मालवा-निमाड़ में इस साल औसत से काफी कम बारिश ने आने वाले दिनों में जल संकट का खतरा बढ़ा दिया है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अक्टूबर महीने में ही इंदौर में पानी की किल्लत को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। कई क्षेत्रों में बोरिंग का पानी कम होने और बोरिंग बंद होने की शिकायतों के बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों, महापौर और विधायकों के साथ बैठक कर जल संकट से निपटने की रणनीति तैयार की। सरकार की चिंता साफ है कि यदि अभी से इंतजाम नहीं किए गए तो गर्मियों में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ सकता है।

जल संकट को लेकर जंबो बैठक 

गुरुवार को इंदौर के अटल बस टर्मिनल के सभागृह में मालवा निमाड़ में कम बारिश से पैदा हुए जल संकट को लेकर जंबो बैठक बुलाई गई, बैठक में केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, ए सी एस संकेत भोंडवे, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित पांच विधायक भी मौजूद रहे। इस दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार बारिश औसत से काफी कम हुई है। इसके चलते भविष्य में जल संकट की आशंका है। 

सरकार तत्काल, मध्यकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं पर काम करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब बोरिंग तत्काल सुधारे जाएं और जिन क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

पानी पहुंचाने की व्यवस्था की होगी समीक्षा 

मंत्री ने बताया कि इंदौर में अभी भी लगभग 17 क्षेत्र ऐसे हैं, जहां नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण टैंकरों या बोरिंग के जरिए पानी पहुंचाना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। वहीं, नर्मदा जल आपूर्ति व्यवस्था के आगामी चरणों के जरिए भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की योजना भी बनाई जा रही है।

मंत्री विजयवर्गीय ने नागरिकों से पानी का सदुपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि कार धोने, घरों में पानी बहाने और जरूरत से ज्यादा पानी इस्तेमाल करने से बचना होगा। उन्होंने संकेत दिए कि पानी का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सोशल मीडिया अभियान के जरिए भी लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में बोरिंग से पानी निकालकर बेचने और इससे आम लोगों के सामने पैदा होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने अधिकारियों को ऐसे मामलों पर निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कुल मिलाकर, अक्टूबर में ही जल संकट की आशंका ने इंदौर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि अधिकारियों की तैयारियां गर्मियों में लोगों को राहत दिला पाएंगी या शहर को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ेगा।

आरक्षण पर SC के फैसला का किया स्वागत 

धर्म परिवर्तन और जातिगत आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस्लाम या ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्ति अनुसूचित जाति का दर्जा बरकरार रखने का दावा नहीं कर सकते। इस फैसले पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। दोनों ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद संबंधित व्यक्ति को पुराने दर्जे के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की स्थिति स्पष्ट हुई है।  पूरी खबर के लिए क्लिक करें