किसानों की समस्याओं पर पूर्व कृषि मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने सरकार को घेरा: खाद-बिजली और कर्ज राहत की उठाई मांग

सागर में पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने किसान समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। खाद, बिजली, MSP, फसल बीमा, कर्ज राहत और सूखा सर्वे की मांग उठाई।

किसानों की समस्याओं पर पूर्व कृषि मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने सरकार को घेरा: खाद-बिजली और कर्ज राहत की उठाई मांग

सागर। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर पूर्व कृषि एवं सहकारिता मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सागर जिले सहित पूरे प्रदेश में किसान खाद की किल्लत, बिजली संकट, खेती की बढ़ती लागत, फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने और कर्ज के बोझ जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान कर राहत प्रदान करने की मांग की।

किसान कल्याण केवल घोषणाओं से संभव नहीं

पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज अन्नदाता अपनी खेती और आजीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। एक ओर सरकार किसान कल्याण के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, "किसान कल्याण घोषणाओं से नहीं, बल्कि खेतों तक खाद, बिजली, फसलों का उचित मूल्य और आर्थिक सुरक्षा पहुंचाने से संभव है।" उन्होंने सरकार से किसानों की जायज समस्याओं पर तत्काल निर्णय लेने और खेती को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

सूखा प्रभावित किसानों को तत्काल राहत की मांग

सुरेन्द्र चौधरी ने किसानों के हित में प्रमुख मांगें उठाते हुए कहा कि सागर जिले के प्रभावित विकासखंडों में तत्काल सर्वे कराया जाए, ताकि सूखे की स्थिति का आकलन कर पात्र किसानों को राहत दी जा सके।

उन्होंने खाद की किल्लत दूर करने के लिए डीएपी और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने, ई-टोकन व्यवस्था को सरल बनाने और किसानों को ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा देने की मांग की। साथ ही खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने की भी मांग की।

बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या दूर करने की मांग

पूर्व मंत्री ने कहा कि खेती के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने बिजली कटौती, कम वोल्टेज और खराब ट्रांसफॉर्मरों से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की, ताकि किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों में परेशानी का सामना न करना पड़े।

कृषि ऋण, ब्याज में राहत और कर्जमाफी की मांग

चौधरी ने प्रभावित किसानों के कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज में राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए ऋण पुनर्गठन और कर्जमाफी के संबंध में प्रभावी नीति बनाई जानी चाहिए।

फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग

पूर्व मंत्री ने फसल नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पात्र किसानों को समय पर मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर प्रभावी खरीदी, पारदर्शी तुलाई और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज न बेचनी पड़े।

नकली बीज और मिलावटी खाद बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग

सुरेन्द्र चौधरी ने नकली बीज, मिलावटी खाद और घटिया कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान की रोकथाम तथा प्रभावित किसानों को राहत देने की व्यवस्था करने की बात भी कही।

इसके अलावा, छोटे किसानों को कृषि यंत्रों पर सहायता देने, कस्टम हायरिंग सेंटर की सुविधा बढ़ाने और उचित दरों पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

CM से किसानों की समस्याओं पर कार्रवाई की अपील

पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने मुख्यमंत्री से सागर जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश के किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि अन्नदाता सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें और प्रदेश की कृषि व्यवस्था मजबूत हो सके।