MP Youth Jobs Abroad : युवाओं को जापान-जर्मनी में नौकरी का सुनहरा मौका, ट्रेनिंग का 85% खर्च देगी सरकार

MP OBC Youth Jobs Abroad : योजना के अनुसार, 300 युवाओं को जर्मनी और 300 युवाओं को जापान में नौकरी दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण पर होने वाले कुल खर्च का 85 प्रतिशत सरकार और निवेशक मिलकर वहन करेंगे।

MP Youth Jobs Abroad : युवाओं को जापान-जर्मनी में नौकरी का सुनहरा मौका, ट्रेनिंग का 85% खर्च देगी सरकार

MP OBC Youth Jobs Abroad  : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ओबीसी वर्ग के 600 युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत युवाओं को जर्मनी और जापान में रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार और निवेशक मिलकर प्रशिक्षण का 85 प्रतिशत खर्च उठाएंगे। वहीं, मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीना को पेट्रोकेमिकल उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी सामने रखी। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार और प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।

ओबीसी युवाओं को विदेश में नौकरी का मौका

योजना के तहत युवाओं को विदेश भेजने से पहले नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पर होने वाले कुल खर्च का 85 प्रतिशत सरकार और निवेशक मिलकर वहन करेंगे। अभ्यर्थियों को शेष 15 प्रतिशत राशि खुद देनी होगी।

योजना के अनुसार, 300 युवाओं को जर्मनी और 300 युवाओं को जापान में नौकरी दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की ओर से 50 प्रतिशत राशि नौकरी मिलने के बाद जारी की जाएगी, जबकि 30 प्रतिशत खर्च NSDC वहन करेगा।

योजना के लिए 8 करोड़ रुपये का समझौता

मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज परिसर में इस योजना को लेकर त्रिपक्षीय समझौता हुआ। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर भी मौजूद रहीं। समझौते के तहत नाबार्ड और श्रीराम इंटरनेशनल कंपनी ने चार-चार करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई है। इस तरह योजना के लिए कुल आठ करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

बीना में 50 हजार करोड़ का पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट

मुंबई के बॉम्बे एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित इंडिया केम-2026 के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीना में औद्योगिक विकास की योजनाओं की जानकारी दी। बीना में 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना का भूमिपूजन हो चुका है।

इस परियोजना से सालाना 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन का लक्ष्य है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) की एथिलीन क्रैकर और रिफाइनरी विस्तार योजना भी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है।

बिरला ग्रुप ने 22 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया

इंडिया केम-2026 के दौरान आदित्य बिरला ग्रुप के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उनके साथ आर्यमन विक्रम बिरला भी मौजूद रहे। इस दौरान समूह ने सिंगरौली स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्री में 22 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया और भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का न्योता भी दिया।

बीना के आसपास नए उद्योग लगाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने इंडियन ऑयल, रिलायंस और हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। उन्होंने बीना के आसपास पॉलिमर प्रोसेसिंग इकाइयों की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया। इसके अलावा UPL, PI इंडस्ट्रीज, धनुका, सिंजेंटा, दीपक नाइट्रेट और आरती इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी औद्योगिक निवेश पर बातचीत की गई। प्रस्तावित परियोजनाओं से प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।