INDIA CHEM 2026 : मध्यप्रदेश को निवेश, उत्पादन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य - CM डॉ. मोहन यादव
INDIA CHEM 2026 : मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल क्षेत्र में विशेष पहचान बनी है, विजयपुर में गेल का आधुनिक गैस प्रसंस्करण ढांचा और सीहोर में गेल की पेट्रोकेमिकल परियोजना प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं रोजगार की नई संभावनाएं खोल रही हैं।
INDIA CHEM 2026 : भोपाल। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विकास और सुरक्षा को नई दिशा मिली है। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को निवेश, उत्पादन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाना है। वर्ष 2040 तक देश के केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को एक ट्रिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेस्को, मुंबई में इंडिया केम 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही है।
इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय "INDIA CHEM 2026" के शुभारंभ के अवसर पर "केमिकल फ्रेटरनिटी रिपोर्ट" पुस्तिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, 'पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल क्षेत्र में विशेष पहचान बनी है, वहीं विजयपुर में गेल का आधुनिक गैस प्रसंस्करण ढांचा और सीहोर में गेल की पेट्रोकेमिकल परियोजना प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं रोजगार की नई संभावनाएं खोल रही हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद लगभग ₹12 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़े हैं। प्रदेश में उद्योगों के लिए बिजली, पानी, भूमि, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और निवेश-अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।'
मुंबई में इंडिया केम 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2014 में देश का केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल बाजार करीब 120 अरब डॉलर का था। आज यह दोगुने से अधिक हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र को नई गति मिली है।
क्षेत्र का महत्व और मध्य प्रदेश की भूमिका
सीएम ने आगे कहा कि, केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और विनिर्माण समेत कई क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश अपनी संभावनाओं, निवेश अनुकूल माहौल और उद्योग हितैषी नीतियों के साथ इस क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने इंडिया केम के 14वें संस्करण के आयोजन पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और फिक्की को बधाई दी।
निवेश और औद्योगिक परियोजनाएं
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने आगे कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़े हैं। पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल क्षेत्र में प्रदेश की पहचान बनी है। विजयपुर में गेल का गैस प्रसंस्करण ढांचा और सीहोर में पेट्रोकेमिकल परियोजना औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं खोल रही है। बीना पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
प्लास्टिक पार्क और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा, छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ और ग्वालियर के बिलोवा में 93 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक प्लास्टिक पार्क विकसित किए गए हैं। इन पहलों से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए मौके बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए बिजली, पानी, भूमि और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने विश्वास जताया कि इस आयोजन से मिले नए निवेश प्रस्ताव और साझेदारियां मध्य प्रदेश की समृद्धि और औद्योगिक प्रगति के नए द्वार खोलेंगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2040 तक देश के केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को एक ट्रिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बनाने के लक्ष्य में मध्य प्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा।
कार्यक्रम में क्या बोले केंद्रीय मंत्री नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, मैं देवेंद्र फडणवीस जी, मोहन यादव जी, मोहन सिंह माझी जी और प्रफुल्ल जी का "इंडिया केम 2026" में शामिल होने के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आपकी उपस्थिति रासायनिक उद्योग के विकास के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। केंद्र सरकार नीतियां बनाएगी, लेकिन उन्हें धरातल पर लागू करने में राज्य सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने आगे कहा कि, आज देश में रसायन एवं पेट्रो-रसायन उद्योग के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार है। अब हमें इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए भारत के रासायनिक उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र के बाजार को वर्ष 2040 तक 1 लाख करोड़ डॉलर और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप 1.6 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाना है।


