मंडला में बाघ का आतंक: महिला पर हमला कर गांव में ही छिपा था, वन विभाग ने ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ा
आंगन में सो रही महिला पर बाघ ने किया हमला: बेटे की चीख से छोड़ा, वन विभाग ने 7 घंटे बाद घर की बाड़ी से किया रेस्क्यू, मुक्की स्थित क्वारन्टाइन सेंटर में भेजा
मंडला। जिले के आरोली गांव में देर रात घर के आंगन में सो रही महिला पर हमला करने वाला बाघ करीब 7 घंटे बाद उसी गांव में एक घर की बाड़ी में मिला। बाघ को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और कान्हा टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची। इलाके की घेराबंदी कर ग्रामीणों की आवाजाही रोक दी गई। बाद में बाघ को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
खाट पर सो रही महिला पर किया हमला
जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय रमली बाई मरावी रात में अपने घर के आंगन में खाट पर सो रही थीं। इसी दौरान बाघ अचानक आंगन में पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। बाघ ने महिला के सिर और चेहरे पर पंजा मारा और उन्हें खाट से नीचे खींच लिया। इसके बाद वह महिला को कुछ दूर तक घसीटकर ले जाने लगा।
महिला की चीख सुनकर उनका बेटा घर से बाहर आया। उसने बाघ को मां को घसीटते हुए देखा और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। बेटे की आवाज सुनकर बाघ महिला को छोड़कर मौके से भाग गया।
सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें
हमले में महिला के सिर और चेहरे पर गहरे घाव आए हैं। घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी-बंजर लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। वन विभाग ने घायल महिला को इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने बाघ की तलाश शुरू कर दी। क्योंकि आरोली गांव कान्हा टाइगर रिजर्व से लगा हुआ है, इसलिए टीम ने आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया।
सुबह घर की बाड़ी में मिला बाघ
हमले के करीब 7 घंटे बाद गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे ग्रामीणों ने गांव के ही एक घर की बाड़ी में बाघ को देखा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। बाघ की मौजूदगी को देखते हुए पूरे इलाके को घेर लिया गया और ग्रामीणों को वहां आने-जाने से रोक दिया गया।
कान्हा टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बाघ को सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाघ को ट्रैंकुलाइज कर बेहोश किया गया और फिर सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया।
मुक्की क्वारन्टाइन सेंटर भेजा गया
रेस्क्यू ऑपरेशन डॉ. संदीप अग्रवाल की निगरानी में किया गया। बाघ को पकड़ने के बाद उसकी स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद उसे मुक्की स्थित क्वारन्टाइन सेंटर भेज दिया गया। वन विभाग के अनुसार, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और बाघ की स्थिति की जांच के बाद उसे जंगल में छोड़े जाने पर फैसला लिया जाएगा।
कान्हा से सटा है आरोली गांव
आरोली गांव कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास का इलाका है। यहां अक्सर बाघ और दूसरे वन्यजीवों की मौजूदगी देखी जाती है। वन विभाग पहले भी ग्रामीणों को जंगल और आसपास के क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह देता रहा है।
महिला पर हमले और उसके बाद बाघ के गांव में ही मिलने की घटना से ग्रामीणों में डर का माहौल है। फिलहाल वन विभाग की टीम इलाके में निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
Varsha Shrivastava 
