इंदौर के बीटा इंडस्ट्रियल पार्क में भीषण आग: पेंट फैक्ट्री समेत 3 फैक्ट्रियां चपेट में आईं, करोड़ों के नुकसान की आशंका

इंदौर में पेंट-केमिकल फैक्ट्री में लगी आग से मचा हड़कंप, दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू

इंदौर के बीटा इंडस्ट्रियल पार्क में भीषण आग: पेंट फैक्ट्री समेत 3 फैक्ट्रियां चपेट में आईं, करोड़ों के नुकसान की आशंका

इंदौर में रविवार सुबह बीटा इंडस्ट्रियल पार्क स्थित एक पेंट और केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की दो अन्य फैक्ट्रियां भी इसकी चपेट में आ गईं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जबकि फैक्ट्रियों में रखे सामान और मशीनरी को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

सुबह करीब 7 बजे भड़की आग

जानकारी के मुताबिक, आग रविवार सुबह करीब 7 बजे कालिंदी गोल्ड सिटी के पास स्थित बीटा इंडस्ट्रियल पार्क में लगी। यह औद्योगिक क्षेत्र बाणगंगा थाना क्षेत्र में अरविंदो अस्पताल से करीब तीन किलोमीटर अंदर की ओर स्थित है। यहां एक पेंट और केमिकल फैक्ट्री में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। स्थानीय गार्ड ने घटना की सूचना दमकल विभाग को दी।

फैक्ट्री में पेंट, केमिकल और अन्य ज्वलनशील सामग्री के ड्रम रखे होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते पास की दो अन्य फैक्ट्रियां भी इसकी चपेट में आ गईं। घटनास्थल से उठता घना धुआं दूर तक दिखाई दिया, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दमकल की कई गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

आग की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने अलग-अलग दिशाओं से पानी और फोम का छिड़काव कर आग बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले अभियान के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई।

करोड़ों के नुकसान की आशंका, जांच जारी

आग से फैक्ट्रियों में रखे कच्चे माल, तैयार पेंट-केमिकल, स्टॉक और मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, आर्थिक नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है। आग लगने की प्रारंभिक वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग के वास्तविक कारण और नुकसान का आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।