MP OBC Reservation : OBC आरक्षण पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, कहा - OBC समाज की पीठ में घोंपा छुरा
MP OBC Reservation : प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि, समाज को उम्मीद थी कि 27% आरक्षण से बच्चों को शिक्षा और रोजगार में नए अवसर मिलेंगे।
MP OBC Reservation : भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे समाज की पीठ में छुरा घोंपना बताया है। वहीं पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इसे सरकार की मंशा में खोट बताया है। उन्होंने कहा कि, सरकार ने कोर्ट में ऐसी रिपोर्ट पेश की है कि आरक्षण लागू न हो सरकार नहीं चाहती कि आरक्षण लागू किया जाए।
OBC समाज की उम्मीदों को झटका
27% OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि 9 अक्टूबर को आए फैसले से प्रदेश की 50% से अधिक आबादी वाले OBC समाज की उम्मीदों को झटका लगा है। प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि, समाज को उम्मीद थी कि 27% आरक्षण से बच्चों को शिक्षा और रोजगार में नए अवसर मिलेंगे। 159 पृष्ठों का यह फैसला न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने रिट याचिका क्रमांक 5901/2019 और संबंधित याचिकाओं पर सुनाया।

उन्होंने 1983 की महाजन आयोग रिपोर्ट पर निर्भरता, 7.26 करोड़ की आबादी के मुकाबले लगभग 10 हजार लोगों के सर्वेक्षण, अन्य सामाजिक वर्गों को शामिल न किए जाने, OBC की शैक्षणिक स्थिति पर 2023 की रिपोर्ट, 50% आरक्षण सीमा और OBC के लिए स्वीकृत प्रथम श्रेणी के पदों में रिक्तियों को लेकर भाजपा सरकार से सवाल किए।
उन्होंने सरकार सवाल उठाते हुए कहा कि, मध्यप्रदेश की 50% से अधिक आबादी वाला OBC समाज लंबे समय से 27% आरक्षण पर फैसले का इंतजार कर रहा था। समाज को उम्मीद थी कि आरक्षण से उसके बच्चों को शिक्षा और रोजगार में अधिक अवसर मिलेंगे। 9 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट का फैसला आया, जो इन उम्मीदों के विपरीत रहा।
आरक्षण लागू नहीं करना चाहती सरकार - पटवारी
ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में खोट है। शिवराज सिंह चौहान ओबीसी को आरक्षण देना ही नहीं चाहते थे। सरकार कोर्ट ने विशेष आपत परिस्थितियों को पेशी नहीं कर पाई। सरकार साबित कर सकती थी लेकिन कर नहीं पाई क्योंकि आरक्षण देना नहीं चाहती थी।

सरकार सभी वर्ग के लोगों को दे रही धोखा
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि, आबादी बड़ी हुई है, आरक्षण रोकने का यह कारण नहीं हो सकता। ओबीसी के 68% तक पद भरे जा सकते हैं लेकिन सरकार भरना नहीं चाहती। सरकार सभी वर्ग के लोगों को धोखा दे रही है।
हाई कोर्ट ने ये दिया फैसला
मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वर्ष 2019 में OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने वाले कानून को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया है। इसके बाद प्रदेश में OBC आरक्षण की सीमा फिर से 14 प्रतिशत हो गई है। साथ ही, लंबे समय से रोके गए 13 प्रतिशत पदों पर अनारक्षित वर्ग के पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए गए हैं।

