Singrauli Earthquake : सिंगरौली में 3.5 तीव्रता का भूकंप, केंद्र 10 किमी गहराई पर

Singrauli Earthquake : मध्य प्रदेश के सिंगरौली में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिएक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है।

Singrauli Earthquake : सिंगरौली में 3.5 तीव्रता का भूकंप, केंद्र 10 किमी गहराई पर

Singrauli Earthquake : सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में शनिवार 17 अक्टूबर को दोपहर भूकंप के झटके दर्ज किए गए। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है।

कब और कैसे दर्ज हुआ भूकंप

जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर 2 बजकर 12 मिनट 35 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 3.5 रही और केंद्र की गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप से संबंधित ये जानकारियां शुरुआती आंकड़ों पर आधारित हैं। अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है।

भूकंप क्यों आता है

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती है और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

भूकंप के केंद्र और तीव्रता का मतलब

भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती है, इसका प्रभाव कम होता जाता है।

फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

रिक्टर स्केल से कैसे मापी जाती है तीव्रता

भूकंप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है।

भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है। सिंगरौली में आए इस हल्के झटके को प्रशासन और मौसम विभाग की निगरानी में रखा गया है।