Shajapur में कृष्णमृग रेस्क्यू अभियान: दूसरे दिन हन्नूखेड़ी में 79 ब्लैकबक पकड़े गए
शाजापुर–शुजालपुर में कृष्णमृग स्थानांतरण अभियान जारी: दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों को अनुकूल वन क्षेत्र में बसाने का लक्ष्य, फसल नुकसान कम करने पर जोर
शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर-शुजालपुर क्षेत्र में मानव और वन्यप्राणियों के बीच संघर्ष कम करने के लिए कृष्णमृग (ब्लैकबक) को पकड़कर दूसरे स्थान पर भेजने का अभियान जारी है। अभियान के दूसरे दिन हन्नूखेड़ी में 79 कृष्णमृगों को सफलतापूर्वक पकड़ा गया। इस पहल का उद्देश्य फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान किसानों को राहत देना और वन्यप्राणियों को अनुकूल वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से बसाना है।
दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान के दूसरे चरण में कुल 2,000 कृष्णमृगों को अनुकूल वन क्षेत्र में स्थानांतरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन विभाग के अनुसार, इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को होने वाले नुकसान और मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण अफ्रीका की संस्था दे रही तकनीकी सहयोग
अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ संस्था 'कंजर्वेशन सॉल्यूशंस' तकनीकी सहयोग कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वन्यप्राणी चिकित्सक, वन अधिकारी और प्रशिक्षित कर्मचारी भी अभियान में शामिल हैं। कृष्णमृगों को पकड़ने, उनकी देखभाल करने और सुरक्षित परिवहन के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
किसानों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा पर जोर
अभियान में जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का सहयोग मिल रहा है। वन विभाग ने वन्यप्राणी संरक्षण और किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए लोगों से सहयोग करने की अपील की है। विभाग का लक्ष्य कृष्णमृगों को सुरक्षित स्थान पर बसाकर ग्रामीणों और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति को कम करना है।
Varsha Shrivastava 
