इंदौर में जल संकट की चिंता: महापौर ने CM से मांगा 50 करोड़ का पैकेज, कांग्रेस ने नगर निगम-BJP पर उठाए सवाल
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर शहर के लिए 50 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा है। इस दौरान यशवंत सागर और बिलावली तालाब में नर्मदा-गंभीर लिंक के जरिए पानी पहुंचाने पर भी चर्चा हुई।
इंदौर में कम बारिश के चलते जल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर शहर के लिए 50 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा है। इस दौरान यशवंत सागर और बिलावली तालाब में नर्मदा-गंभीर लिंक के जरिए पानी पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। वहीं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने जल संकट, ट्रैफिक, सड़कों की बदहाली और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।
सीएम से राहत पैकेज की उम्मीद
दरअसल, इंदौर में कम बारिश के चलते भविष्य में जल आपूर्ति की चुनौती को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर 50 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा है। महापौर ने यशवंत सागर और बिलावली तालाब में नर्मदा-गंभीर लिंक के माध्यम से पानी पहुंचाने के विषय पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। शहर में जल संकट की स्थिति से निपटने और आगामी दिनों में नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
आबादी के अनुरूप जल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं
वहीं, चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि इंदौर में करीब 27 वर्षों से भाजपा की नगर निगम और लंबे समय से प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद बढ़ती आबादी के अनुरूप जल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नर्मदा परियोजना का चौथा चरण समय पर पूरा होता, तो आज शहर को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
नगर निगम के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल
चौकसे ने टैंकरों की व्यवस्था, पानी भरने के स्थानों और ठेकेदारों के भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने नगर निगम पर दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां होने का दावा करते हुए वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शहर में ट्रैफिक, गड्ढों और जलभराव जैसी समस्याएं भी लगातार बनी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इंदौर में राजनीतिक परिवर्तन होगा।

