New IAF Chief : कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित? बने नए IAF चीफ, 3500 घंटे उड़ान का अनुभव
New IAF Chief : मार्शल आशुतोष दीक्षित एक क्वॉलीफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। एयर मार्शल आशुतोष के पास मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर जैसे 20 से ज्यादा फाइटर प्लेन्स उड़ाने का अनुभव है।
New IAF Chief : नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना को नया चीफ मिलने जा रहा है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे अभी तक वायुसेना में डिप्टी चीफ की भूमिका निभा रहे थे। आशुतोष दीक्षित के पास आसमान में करीब 3500 घंटे की उड़ान का अनुभव है। वे 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। वे क्वॉलिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर समेत 20 से ज्यादा फाइटर प्लेन उड़ा चुके हैं।
उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी खड़कवासला, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली से पढ़ाई की है। हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में रहते हुए आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के बीच तालमेल मजबूत करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। वायुसेना मुख्यालय में भी फोर्स को आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस करने में योगदान दिया।
स्वदेशी परियोजनाओं को बढ़ावा
एयर मार्शल दीक्षित ने स्वदेशी फाइटर प्रोजेक्ट्स को हमेशा आगे बढ़ाया। बेंगलुरु में फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में जगुआर और मिग-27 अपग्रेड प्रोग्राम से जुड़े रहे। मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (MMRCA) के ट्रायल्स की प्लानिंग और लीड करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
नई जिम्मेदारी
लंबे अनुभव और विविध भूमिकाओं के बाद अब वे भारतीय वायुसेना के चीफ का पद संभालेंगे। वायुसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।

