Cattle Slaughter Case : कोलार के दामखेड़ा में गौवंश कटने का मामला, तीन हिरासत में
Cattle Slaughter Case : जानकारी के मुताबिक, गब्बर और मुन्ना यादव की डेयरी से गायों और पड़ों को काटे जाने की खबर सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
Cattle Slaughter Case : भोपाल। राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र स्थित दामखेड़ा में कलियासोत नदी के पास एक डेयरी में गोवंश के कटे हुए अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे मिली सूचना के आधार पर डेयरी में दबिश दी गई। तलाशी के दौरान मौके से अवशेष बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने डेयरी संचालक गब्बर यादव, मुन्ना यादव और राशिद खान को गिरफ्तार किया है। मामले में गोवंश के कथित कटान और तस्करी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
अन्य अवशेषों और कथित बिक्री की जांच
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोवंश के अन्य अंग कहां ले जाए गए और क्या उन्हें किसी को बेचा गया था। पुलिस को आशंका है कि बरामद अवशेषों के अलावा अन्य हिस्सों को कहीं और ठिकाने लगाया गया हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित गतिविधि में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
घटना के बाद इलाके में तनाव, मारपीट के वीडियो सामने आए
घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में नाराजगी फैल गई। इसी दौरान एक संदेही के साथ मारपीट किए जाने के वीडियो सामने आए हैं। मामले को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनने की बात भी सामने आई है। दूसरी ओर, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता कोलार थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने गोवंश संरक्षण सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
डेयरी के पुराने संचालन को लेकर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि कलियासोत नदी के पास स्थित गब्बर यादव की डेयरी लंबे समय से संचालित थी। डेयरी के खिलाफ पहले नगर निगम की कार्रवाई होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इसके बाद दोबारा संचालन शुरू होने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुराने कार्रवाई रिकॉर्ड और डेयरी के संचालन की स्थिति भी जांच का विषय बन सकती है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल पुलिस बरामद अवशेषों, आरोपियों की भूमिका और कथित तस्करी से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गोवंश के कथित कटान, अन्य अवशेषों को ठिकाने लगाने और संभावित खरीद-बिक्री के संबंध में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

