रीवा संभाग में नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई: 18 महीने में 1615 सौदागर भेजे गए जेल, ₹13 करोड़ से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त
अवैध शराब के मामलों में 12,199 आरोपी गिरफ्तार; उप मुख्यमंत्री Rajendra Shukla ने दिए नशे के सौदागरों पर सख्ती के साथ पीड़ितों के पुनर्वास पर जोर देने के निर्देश
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा संभाग में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 18 महीनों में 1,615 नशे के सौदागरों को जेल भेजा गया है। इस दौरान गांजा, कोरेक्स, एमडी ड्रग्स, हेरोइन और दूसरे नशीले पदार्थों के साथ बड़ी संख्या में वाहन भी जब्त किए गए हैं। नशे के कारोबार पर रोक लगाने के साथ अब नशे की लत से पीड़ित लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री Rajendra Shukla ने जिले के सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नशीले पदार्थ बनाने वालों और उनकी सप्लाई करने वालों तक पहुंचकर कार्रवाई की जाए।
13 करोड़ रुपये से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त
बैठक में रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक Gaurav Rajput ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों में संभाग में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है। इस दौरान 5,535 किलो 931 ग्राम गांजा, 97,665 शीशी कोरेक्स और 4,13,310 नशीली टैबलेट-कैप्सूल जब्त किए गए। इसके अलावा अफीम के 450 हरे पौधे भी बरामद किए गए।

पुलिस ने 123.6 ग्राम हेरोइन, 206.54 ग्राम स्मैक, 244 ग्राम ब्राउन शुगर और 3 किलो 87 ग्राम एमडी ड्रग्स भी जब्त की है। इन नशीले पदार्थों की कुल कीमत 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपये बताई गई है। नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जा रहे 181 दोपहिया और 131 चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। इन वाहनों की कुल कीमत 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपये है।
अवैध शराब के कारोबार पर भी कार्रवाई
रीवा संभाग में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की है। पिछले 18 महीनों के दौरान इस संबंध में 11,998 मामले दर्ज किए गए और 12,199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 35,890 लीटर अवैध देशी शराब और 22,807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। जब्त शराब की कीमत 3 करोड़ 97 लाख 53 हजार 333 रुपये बताई गई है।
डिप्टी सीएम Rajendra Shukla ने अधिकारियों से कहा कि नशे के कारोबार को रोकने के लिए केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। नशीले पदार्थों के उत्पादन और सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर भी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
नशे से पीड़ित लोगों का होगा पुनर्वास
डिप्टी सीएम Rajendra Shukla ने कहा कि Rewa और पूरे Vindhya क्षेत्र में कृषि, उद्योग, व्यापार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से लोगों की आमदनी बढ़ रही है। लेकिन यदि युवा नशे की गिरफ्त में आ गए, तो विकास का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए नशे के कारोबार पर रोक लगाने के साथ नशे से पीड़ित लोगों को इस लत से बाहर निकालना भी जरूरी है।

उन्होंने नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय करने और वहां पीड़ितों के इलाज व पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेक्टर Narendra Kumar Suryavanshi ने बैठक में बताया कि इसी सप्ताह नशे की लत से पीड़ित 50 लोगों की पहचान कर उन्हें पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने की योजना है। कोरेक्स की लत से पीड़ित लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने नशामुक्त भारत अभियान में जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाकर लगातार कार्रवाई करने को कहा। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने, रात में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और व्यस्त सड़कों व चौराहों से अवैध रूप से खड़े ठेलों को व्यवस्थित कराने के निर्देश भी दिए गए।
Varsha Shrivastava 
