कांग्रेस में लौटेंगे पुराने नेता? जीतू पटवारी बोले- 600 से ज्यादा आवेदन मिले
Madhya Pradesh Politics: मध्यप्रदेश कांग्रेस के घर वापसी अभियान में 600 से ज्यादा आवेदन मिलने का दावा. जीतू पटवारी ने बताया कि जिला कांग्रेस कमेटियों की सहमति से नेताओं की वापसी पर फैसला होगा.
Bhopal News। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पार्टी छोड़कर गए नेताओं की वापसी के लिए घर वापसी अभियान शुरू किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कांग्रेस में लौटने के लिए 600 से ज्यादा आवेदन मिले हैं. इनमें 200 से अधिक पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, पूर्व जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री और अन्य पदाधिकारी शामिल हैं. पटवारी ने कहा कि नेताओं की वापसी का फैसला संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों की सहमति के आधार पर लिया जाएगा.
जिला कांग्रेस कमेटियों की सहमति जरूरी
जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस से अलग हुए नेताओं को दोबारा पार्टी से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है. अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता भी कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं. संबंधित जिला कांग्रेस कमेटी की सहमति मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्यता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी.
पटवारी ने बताया कि घर वापसी के लिए आवेदन करने वाले नेताओं की सूची उचित समय पर सार्वजनिक की जाएगी. इस प्रक्रिया में संबंधित नेताओं की वापसी पर जिला इकाइयों की राय को महत्व दिया जाएगा.
कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले कौन?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने भीम आर्मी के कई प्रदेश पदाधिकारियों को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई. इनमें प्रदेश सचिव विलास मले, प्रदेश महासचिव सत्येंद्र विमल, दक्षेश पाटिल, नगेश कांबले, रंजीत तांबले, नीलेश हेरोडे और प्रकाश बालखेड़े सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे.
बिजली कटौती को लेकर सरकार पर निशाना
पटवारी ने प्रदेश में बिजली कटौती और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों में तीन से चार दिन तक लगातार बिजली नहीं मिल रही है, जबकि सरकार प्रदेश में सरप्लस बिजली होने का दावा करती है.
उन्होंने कहा कि बिजली कटौती, लोड शेडिंग और तारों की मरम्मत के नाम पर आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पटवारी ने मुख्यमंत्री से बिजली व्यवस्था की समीक्षा कर जल्द सुधार करने की मांग की.
पटवारी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्या सिंधिया के महल के बिजली बिल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को हजारों और लाखों के बिल रहे हैं, जबकि महल का बिजली बिल तुलनात्मक रूप से कम है. उन्होंने बिजली मंत्री की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए. ये सभी आरोप पटवारी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लगाए.
लाड़ली बहना योजना पर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लाड़ली बहना योजना की राशि को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं को 3 हजार रूपए देने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह राशि नहीं दी गई है. पटवारी ने आरोप लगाया कि योजना में नए पंजीयन को लेकर सरकार के मंत्रियों के बयान अलग-अलग हैं. कहीं पोर्टल खुलने की बात कही जा रही है, तो कहीं इसे बंद रखने की बात सामने आ रही है.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को 3,000 देने के वादे के बजाय अब 1,500 की राशि की बात हो रही है. पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी और महिलाओं से किए गए वादों को पूरा करने की मांग करेगी.
आदिवासी परिवारों के विस्थापन का मुद्दा उठा
भोपाल के पास बेरसिया में गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने और आदिवासी परिवारों के विस्थापन को लेकर भी पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच कथित राजनीतिक खींचतान का जिक्र करते हुए कहा कि इसका खामियाजा आम लोगों को नहीं भुगतना चाहिए.
पटवारी ने सवाल उठाया कि शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे, तब आदिवासी परिवारों को पट्टे क्यों नहीं दिए गए. उन्होंने बेरसिया में करीब 400 मकान तोड़े जाने का दावा किया और कहा कि वे पीड़ित परिवारों से मिलने जाएंगे. उन्होंने प्रशासन से भी इस मामले में जवाब मांगा.
पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर चल रही खींचतान और मंत्रियों के बयानों से प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का मंत्रियों, अधिकारियों और विधायकों पर नियंत्रण नहीं रह गया है.
निवेश और मॉल निर्माण के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप
जीतू पटवारी ने इंदौर में निवेश और मॉल निर्माण से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि निवेश और रोजगार के नाम पर जमीन ली गई, लेकिन परियोजना का काम उसके घोषित उद्देश्य के अनुरूप नहीं हुआ.
पटवारी ने इस मामले में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के रिश्तेदारों का भी जिक्र किया और मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया. हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों या संबंधित पक्षों के जवाब का विवरण उपलब्ध नहीं है.
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में अलग-अलग मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से जवाब मांगेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के कारण विकास, रोजगार और प्रशासन से जुड़े मुद्दे प्रभावित हो रहे हैं.

