42 विद्यार्थियों के छात्रावास में मिले सिर्फ 2 छात्र: खराब भोजन और अव्यवस्थाओं पर अधीक्षक निलंबित

पिपराही छात्रावास के निरीक्षण में बिस्तरों की कमी, रसोई में खराब खाद्य सामग्री और भोजन तैयार नहीं मिलने पर कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे की कार्रवाई, प्रभारी अधीक्षक पर गिरी गाज

42 विद्यार्थियों के छात्रावास में मिले सिर्फ 2 छात्र: खराब भोजन और अव्यवस्थाओं पर अधीक्षक निलंबित

मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।

जिले के नवागत कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। पिपराही स्थित अनुसूचित जनजाति सीनियर बालक छात्रावास के आकस्मिक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रभारी अधीक्षक प्रभात कुमार रावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान 42 दर्ज विद्यार्थियों में से महज 2 उपस्थित मिले। वहीं, रसोई में खराब खाद्य सामग्री, भोजन तैयार नहीं होने और बुनियादी सुविधाओं की कमी भी पाई गई।

निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर ने राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह अनुसूचित जनजाति सीनियर बालक छात्रावास, पिपराही का औचक निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों की दर्ज संख्या और मौके पर उनकी उपस्थिति में बड़ा अंतर मिला। छात्रावास में पर्याप्त बिस्तरों की कमी भी सामने आई। इसके अलावा रसोई में खराब खाद्य सामग्री रखी मिली और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री का भी अभाव पाया गया।

निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार नहीं मिला। छात्रावास परिसर में एक निजी ट्रैक्टर भी अनधिकृत रूप से खड़ा मिला। इन स्थितियों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर सवाल खड़े किए।

लापरवाही पर तत्काल निलंबन

निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के साथ पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर कलेक्टर ने प्रभारी अधीक्षक प्रभात कुमार रावत के निलंबन के निर्देश दिए। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला संयोजक, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग, मऊगंज का कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

अन्य छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर भी नजर

कलेक्टर की इस कार्रवाई से छात्रावासों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, भोजन की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन की गंभीरता सामने आई है। अब अन्य छात्रावासों में भी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और लापरवाही पर कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।