सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा: 20 अक्टूबर से शुरुआत, दिग्विजय सिंह को मिला शंकराचार्य का समर्थन

महाकालेश्वर धाम से राम मंदिर तक निकलेगी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा, 20 अक्टूबर से शुरु होने वाली दिग्विजय सिंह की यात्रा को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मिला समर्थन

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा: 20 अक्टूबर से शुरुआत, दिग्विजय सिंह को मिला शंकराचार्य का समर्थन

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन और आशीर्वाद मिला है। वाराणसी स्थित श्रीविद्या मठ से जारी संदेश में शंकराचार्य ने यात्रा के संकल्प की सराहना करते हुए दिग्विजय सिंह और उनके सभी सहयात्रियों को शुभकामनाएं दी हैं। यह यात्रा 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर धाम से शुरू होकर अयोध्या के श्रीराम मंदिर तक प्रस्तावित है।

सत्य और शुचिता को बताया सनातन का आधार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने संदेश में कहा कि सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप सत्य, अहिंसा, पवित्रता, नीति और देवालयों की मर्यादा में निहित है। धर्म के नाम पर होने वाला अनाचार, असत्य और छल सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप नहीं हो सकता। उन्होंने सत्य और शुचिता को धर्म का मूल आधार बताया।

मंदिरों की मर्यादा और व्यवस्था पर जोर

शंकराचार्य ने मंदिरों में चढ़ावे की चोरी और देवस्थानों की मर्यादा के उल्लंघन जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब धर्म के नाम पर अधर्म होने लगे, तब सत्य के पक्ष में खड़ा होना ही वास्तविक धर्म-स्वाभिमान है। उन्होंने सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों और उसके संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता को जरूरी बताया।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का प्रभाव और अस्तित्व बनाए रखने के लिए उसके तत्त्वज्ञान की समझ और धर्म की रक्षा का भाव, दोनों जरूरी हैं। सत्य और शुचिता की पुनर्स्थापना के लिए इनका समन्वय आवश्यक है।

जनजागरण के प्रयास को बताया सामयिक

शंकराचार्य ने सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को सनातन के वास्तविक स्वरूप और धर्म-स्वाभिमान के जागरण का आवश्यक प्रयास बताया। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर हो रहे अधर्म और देवस्थानों की पवित्रता तथा व्यवस्था से जुड़ी कमियों के प्रति लोगों को जागरूक करना प्रशंसनीय है। इससे आमजन को सनातन धर्म के मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा।

महाकाल से अयोध्या तक निकलेगी यात्रा

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के दिन उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर धाम से शुरू होकर अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्य धर्म के नाम पर हो रहे कथित अधर्म, मंदिरों में चढ़ावे की चोरी और देवस्थानों की मर्यादा से जुड़े मुद्दों पर जनजागरण करना है।

संदेश के अंत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भगवान महाकालेश्वर और प्रभु श्रीराम से यात्रा की निर्विघ्न सफलता की प्रार्थना की। उन्होंने आशा जताई कि यात्रा के दौरान लोगों का उत्साह बढ़ेगा और सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप तथा मूल्यों के प्रति जागरूकता मजबूत होगी।