22 साल पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप: दिगौड़ा केस में 3 गिरफ्तार; 24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
टीकमगढ़ के दिगौड़ा में तुलसीदास अहिरवार की हत्या के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने जमीनी रंजिश का दावा करते हुए देशी पिस्टल और अपाचे बाइक जब्त की।
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे में तुलसीदास अहिरवार हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे करीब 22 साल पुरानी जमीन से जुड़ी रंजिश सामने आई है। वारदात के बाद पुलिस ने जांच और दबिश की कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शिवाजी राजा परमार, उसके पिता नारायण सिंह उर्फ तुलसी राजा परमार और अनिकेत राजपूत शामिल हैं।
सुबह दुकान पर हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक, 23 अक्टूबर की सुबह करीब 8:15 बजे तुलसीदास अहिरवार (51) दिगौड़ा में अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान बाइक से आए एक आरोपी ने कथित तौर पर उन पर देशी पिस्टल से तीन गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल तुलसीदास को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
जमीन का पुराना विवाद जांच के केंद्र में
पुलिस की जांच में हत्या की वजह करीब 22 साल पुरानी जमीनी रंजिश बताई गई है। मामले में शिवाजी राजा परमार को कथित मुख्य शूटर बताया गया है। पुलिस ने उसके पिता नारायण सिंह और अनिकेत राजपूत को भी गिरफ्तार किया है। हालांकि, विवाद की पूरी पृष्ठभूमि और हत्या में प्रत्येक आरोपी की भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी की पुष्टि आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
हथियार और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात में इस्तेमाल देशी पिस्टल बरामद की है। इसके अलावा, अनिकेत राजपूत की निशानदेही पर अपाचे मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में शिवाजी राजा परमार (30), नारायण सिंह उर्फ तुलसी राजा परमार (60) और अनिकेत राजपूत (21) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 296(बी), 351(3), 3(5) और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व दिगौड़ा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने किया। पुलिस टीम ने मुखबिरों से मिली जानकारी और संभावित ठिकानों पर दबिश के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

