Navratri 2026 : शक्ति की उपासना का महापर्व शुरू, देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

Navratri 2026 : भोर की पहली किरण के साथ आस्था का सैलाब : अष्टभुजा धाम में गूंजा जयकारा, सजा मातारानी का दरबार

Navratri 2026 : शक्ति की उपासना का महापर्व शुरू, देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

राजेंद्र पयासी @ मऊगंज

मऊगंज, आदि-शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि रविवार को शक्ति-भक्ति और उल्लास के अभूतपूर्व संगम के साथ प्रारंभ हो गया। घट स्थापना की वैदिक गूंज के साथ ही विंध्य की पावन धरा आध्यात्म के रंग में रंग गई। भोर की बेला से ही ऐतिहासिक अष्टभुजा धाम नईगढ़ी सहित जिले के समस्त देवालयों में शंख-घंटों और जय माता दी के जयघोष से दिशाएं गूंजायमान हो उठीं।

प्रतिपदा के ब्रह्म मुहूर्त में जैसे ही मंदिरों के पट खुले, आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। माँ भगवती के दरबार में हाजिरी लगाने को आतुर भक्तों की लंबी कतारें, माथे पर बंधी चुनरी, हाथों में नारियल-फूल और मुख पर माँ के नाम का उद्घोष, ऐसा दृश्य मानो धरती पर ही भक्ति का सागर उमड़ आया हो।

विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री, जन-जन की आस्था का केंद्र माँ अष्टभुजा धाम में तो दृश्य अलौकिक था। मान्यता है कि यहाँ माँ की स्वयं-भू शिला है जो साक्षात शक्ति का प्रतीक है। नवरात्रि के प्रथम दिवस सुबह ही हजारों श्रद्धालु माँ के चरणों में शीश नवाने पहुंचे। 

जिला मुख्यालय मऊगंज, नईगढ़ी, हनुमना से लेकर सीधी, रीवा, सतना और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश तक से आए भक्त कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते दिखे, श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, क्षेत्र के कल्याण और राष्ट्र की मंगलकामना के लिए माता के दरबार में अर्जी लगाई। मंदिर परिसर में सत्यनारायण कथा और अखंड रामचरितमानस पाठ की स्वर-लहरियां वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना रही है।

बाजार मे लौटी दीपावली जैसी रौनक

नवरात्रि के साथ ही अष्टभुजा धाम में लगने वाले ऐतिहासिक मेले ने भी अंगड़ाई ले ली है। मेले के पहले ही दिन बाजार में दिवाली जैसी रौनक लौट आई। बच्चों के खिलौनों की दुकानें, प्रसाद और चुनरी की बिक्री से पूरा मेला परिसर गुलजार हो उठा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन भी पूरी तरह सजग दिखा। मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देश पर मेला प्रशासन और नगर परिषद नईगढ़ी द्वारा मंदिर परिसर से लेकर सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस बल तैनात है ताकि किसी श्रद्धालु को दर्शन में कोई असुविधा न हो।

इतिहास गवाह है कि अष्टभुजा धाम में प्रतिपदा को भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है, पर पंचमी से दशमी तक यहाँ जन-आस्था का महाकुंभ लगता है। 12 महीने भक्तों का तांता लगा रहने वाला यह धाम चैत्र और शारदीय नवरात्रि में अपनी अलग ही छटा बिखेरता है।

देवी मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम 

विंध्य प्रदेश के ऐतिहासिक एवं प्राचीन अष्टभुजा धाम के अलावा माँ जालपा धाम दुबगवां, रामपुर वासदेइन माता वसिगड़ा पहाड़ी, फूलमती माता नईगढ़ी, काली शक्तिपीठ देवगना, राजराजेश्वरी धाम रामपुर, अलोपशंकरी माता मऊगंज और बूढ़ी माई मंदिर में भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। जगह-जगह भक्तों ने भव्य पंडाल सजाकर पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माँ दुर्गा की प्रतिमा और कलश की स्थापना की। पूरा क्षेत्र इस समय शक्ति की भक्ति में लीन है।