Neha Bora को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका : बेल बॉन्ड को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

Neha Bora Petition Dismissed : अदालत ने नेहा बोरा की याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला अदालत ने शुक्रवार 23 अक्टूबर को सुनाया है।

Neha Bora को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका : बेल बॉन्ड को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

Neha Bora Petition Dismissed : नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका खारिज कर दी है। नेहा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 130 के तहत शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने संबंधी जारी नोटिस को चुनौती दी थी। गुरुवार को सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया।

क्या है पूरा मामला?

नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस में एक सभा में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया गया था। उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले गई और आरके पुरम थाने में रातभर रखा। अगले दिन सुबह करीब छह बजे उन्हें रिहा किया गया।

पुलिस की ओर से जारी नोटिस में मंडी हाउस में नारेबाजी, निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर के आसपास विरोध प्रदर्शन और कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया था। नेहा बोरा ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि नोटिस में शांति भंग होने की आशंका के समर्थन में कोई ठोस कारण, विशिष्ट घटना या स्पष्ट समयावधि नहीं बताई गई है।

अदालत में नेहा बोरा ने क्या दलील दी?

गुरुवार को सुनवाई के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) ने कहा कि वह कनॉट प्लेस में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए सीजेपी की ओर से आयोजित प्रदर्शन से जुड़ी नहीं थीं। उन्होंने दावा किया कि 16 अक्टूबर को उन्होंने स्वयं ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया था और सीजेपी के कार्यक्रम में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

नेहा ने यह भी दलील दी कि देश में तिरंगा फहराने के लिए उन्हें किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत के फैसले के विस्तृत आधार की जानकारी उपलब्ध होने पर मामले की कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।