Crimes Against Women : महिला सुरक्षा की पोल खुली, भोपाल में महिला अपराधों में 26 फीसदी की बढ़ोतरी
Crimes Against Women : पुलिस मुख्यालय द्वारा एक एएसपी रैंक और एक डीएसपी रैंक के विशेष अधिकारी महिला अपराध रूप में अलग से तैनात किये गए हैं इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
Bhopal Crimes Against Women : भोपाल। राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ लगातार चिंताजनक ढंग से ऊपर की ओर बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस के तमाम दावों और सुरक्षा के बावजूद शहर में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति कमजोर होती जा रही है। पुलिस थानों में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 के दौरान शहर में महिला अपराध के कुल 2,801 मामले दर्ज हुए। पिछले वर्ष यानी 2025 में 2,216 और वर्ष 2024 में 2,482 मामले दर्ज किए गए थे। इस तरह बीते साल की तुलना में 585 मामले, यानी करीब 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 2024 के मुकाबले यह आंकड़े करीब करीब 13 प्रतिशत अधिक हैं। बता दें कि भोपाल में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू है, जहां कानून-व्यवस्था संभालने के लिए आठ एसपी रैंक के वरिष्ठ अफसर डीसीपी के पद पर तैनात है।
इसके अलावा, दो डीआईजी रैंक के अधिकारी अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर और एक आईजी रैंक के अधिकारी पुलिस कमिश्नर के रूप से महिला अपराधों पर अंकुश लगाने और उन्हें रोकने के लिए तैनात हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा एक एएसपी रैंक और एक डीएसपी रैंक के विशेष अधिकारी को एडीडीसीपी और एसीपी महिला अपराध रूप में अलग से तैनात किया गया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन अपराधों को रोकने में कोई खास सकारात्मक प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है।
कागजी दावों से आगे बढ़कर कदम उठाने की जरुरत
रिटायर्ड पुलिस महानिरीक्षक आरके सिंह के अनुसार महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामलों की जांच सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जाती है और जांच पूरी होते ही कोर्ट में शीघ्र चालान पेश किया जाता है। पुलिस महिलाओं और बालिकाओं के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाती है तथा पुलिसकर्मियों को ऐसे मामलों में अधिक संवेदनशील बनाने के प्रयास किए जाते रहे हैं। स्कूल और नाटक द्वारा बैड टच और जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद अपराधों में लगातार हो रही वृद्धि चिंताजनक है, जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए अब कागजी दावों से आगे बढ़कर कुछ ठोस और बेहद प्रभावी उपाय करने की सख्त जरूरत है।
अपहरण में सबसे बड़ा उछाल
आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल अपहरण के मामले 337 से बढ़कर 505 हो गए हैं, यानी इसमें लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, दुष्कर्म के मामले 276 से बढ़कर 301 हो गए हैं (9.1 प्रतिशत वृद्धि)। इस वर्ष सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला दर्ज हुआ, जबकि 2025 में कोई नहीं और 2024 में तीन मामले सामने आए थे। छेड़छाड़ के मामले 289 से बढ़कर 323 हो गए, जो 11.8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाते हैं। 2024 में यह संख्या 277 थी।
इनका कहना है
महिला अपराधों के मामलों की जांच शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर की जाती है और जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया जाता है। महिला अपराध रोकने के लिए पुलिस स्कूल, कॉलेजों में लगातार अभियान चला रही है।
संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर भोपाल

